गहलोत सरकार अब पक्षियों को भी देगी घर...! मुख्यमंत्री गहलोत ने दी मंजूरी
<p><em><strong>इन पक्षीघरों में पक्षी घोंसलों के बजाय इंसानों की ही तरह फ्लैट में रहते हैं, वो भी एकसाथ हजारों की तादाद में। इन मूक परिंदों के लिए बनाये जाने वाले इन विशेष पक्षीघरों में आमजन पक्षियों को दाना-पानी देने पहुँचते हैं, जिससे पक्षियों को फ्लैट से बाहर आने तक की जरूरत नहीं होती है।</strong></em></p>
राजस्थान में अब इंसानों की तर्ज पर पक्षियों के लिए भी अलग से घर बनने जा रहे हैं। पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए 50 पक्षीघर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 43 करोड़ 50 लाख रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दे दी है। यह पक्षीघर 33 लवकुश वाटिकाओं तथा 17 अन्य स्थानों पर बनाए जाएंगे।
87 लाख का एक पक्षीघर
जानकारी के अनुसार उदयपुर के गुलाब बाग के पक्षीघर की तरह ही इन नए पक्षीघरों का निर्माण होगा। इन विशेष घरों के निर्माण के अलावा पक्षियों के लिए भोजन और विदेशी पक्षियों के क्रय के लिए प्रति पक्षीघर 87 लाख रूपए का व्यय होगा। इस तरह से कुल 43.50 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे।
पेट शॉप्स से खरीदेंगे पक्षी
बताया गया है कि इसी राशि में से एक-एक लाख रुपए से पक्षीघरों में कोकटियल (ऑस्ट्रेलियाई बर्ड), लव बर्ड तोता, बजरिगर (बुग्गी तोता), गिनी फाउल (चकोर मुर्गा) आदि पक्षी पेट शॉप्स से खरीदे जाएंगे।
बजट में की थी घोषणा
सीएम अशोक गहलोत की इस मंजूरी से प्रदेश में पक्षियों को संरक्षण मिलने के साथ ही बीमार, असहाय एवं घायल पक्षियों का उपचार एवं संवर्द्धन किया जा सकेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के बजट में 50 पक्षीघरों के निर्माण की घोषणा की थी। इस घोषणा की क्रियान्विति में यह मंजूरी दी गई है।
इस तरह के होते हैं पक्षी घर
अमूमन पक्षी पेड़ों पर घोंसले बनाकर ही रहते हैं और इन घोंसलों का निर्माण भी वे तिनका-तिनका एकत्रित करके करते हैं। लेकिन, इन दिनों मानव निर्मित पक्षी घरों का प्रचलन बढ़ रहा है। इन पक्षीघरों में पक्षी घोंसलों के बजाय इंसानों की ही तरह फ्लैट में रहते हैं, वो भी एकसाथ हजारों की तादाद में। इन मूक परिंदों के लिए बनाये जाने वाले इन विशेष पक्षीघरों में आमजन पक्षियों को दाना-पानी देने पहुँचते हैं, जिससे पक्षियों को फ्लैट से बाहर आने तक की जरूरत नहीं होती है।
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