पहली बार दिखा पूरा टाइटैनिक: 200 घंटे में ली गईं 7 लाख डिजिटल तस्वीरों में हुआ जीवंत

<p><strong>Titanic Shipwreck Captured :&nbsp;<em>200 घंटे से भी अधिक समुद्र की तलहटी में बिताकर मलबे का समूचा स्कैन तैयार करने के लिए 7 लाख से ज्यादा तस्वीरें खींची गईं।</em></strong></p>

पहली बार दिखा पूरा टाइटैनिक: 200 घंटे में ली गईं 7 लाख डिजिटल तस्वीरों में हुआ जीवंत
19-05-2023 - 08:19 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

एक सदी से भी ज्यादा वक्त पहले अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक के मलबे का पहला पूर्णाकार 3डी स्कैन बुधवार को प्रकाशित किया गया, जिससे इस जहाज के उस दुर्भाग्यशाली सफर के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल हो सकती है।
बीबीसी की ओर से प्रकाशित की गईं हाई-रिजाॅल्यूशन तस्वीरों के जरिए समुद्र में लगभग 4,000 मीटर (13,100 फुट) की गहराई पर पड़े मलबे का बारीकी से अध्ययन किया जा सकता है। इन्हें डीप-सी मैपिंग का इस्तेमाल कर तैयार किया गया है।
आइसबर्ग से टकराकर डूबा था 
यह लग्जरी यात्री जहाज अप्रैल, 1912 में इंग्लैंड के साउथैम्प्टन से न्यूयॉर्क तक अपनी पहली यात्रा पर निकला था और रास्ते में एक आइसबर्ग से टकराने के बाद डूब गया था, जिससे 1,500 से अधिक लोग मारे गए थे।
पहली बार लेंस की जद में आया जहाज
वर्ष 1985 में पहली बार कनाडा के तट से लगभग 650 किलोमीटर (400 मील) की दूरी पर खोजे जाने के बाद से जहाज के मलबे को बड़े पैमाने पर खंगाला गया है, लेकिन कैमरे कभी भी समूचे जहाज को लेंस की जद में लाने में कामयाब नहीं हो पाए। वर्ष 2022 में डीप-सी मैपिंग कंपनी मैगेलन लिमिटेड और अटलांटिक प्रोडक्शन्स द्वारा जहाज का पुनर्निर्माण किया गया, जो इसके बारे में एक डॉक्यूमेंटरी बना रहे हैं।
एक स्पेशलिस्ट जहाज से भेजे सबमर्सिबल 
एक स्पेशलिस्ट जहाज से रिमोट के जरिये नियंत्रित किए जाने वाले सबमर्सिबल अटलांटिक की तलहटी में भेजे गए, जिन्होंने 200 घंटे से भी अधिक नीचे बिताकर मलबे का सर्वेक्षण किया, और समूचा स्कैन तैयार करने के उद्देश्य से 7,00,000 से ज्यादा तस्वीरें खींचीं।
मलबे को छूआ तक नहीं
इस अभियान की योजना बनाने के काम का नेतृत्व करने वाले मैगेलन के गेरहार्ड सीफर्ट ने बताया कि उन्हें कुछ भी छूने की अनुमति नहीं थी, ताकि मलबे को नुकसान न पहुंचे। सीफर्ट ने कहा, ‘दूसरी चुनौती यह रही कि आपको हर वर्ग सेंटीमीटर - यहां तक कि अरुचिकर हिस्सों को भी मैप करना होगा, जैसे मलबे पर जमी मिट्टी का भी नक्शा बनाना होगा, लेकिन बाकी दिलचस्प चीजों के बीच में अंतर को भरने के लिए आपको उसकी भी जरूरत है।’
डूबने की असली वजह आएगी सामने
तस्वीरों में मलबे को इस तरह देखा जा सकता है - जहाज के स्टर्न और बो अलग-अलग पड़े थे, पूरी तरह मलबे से घिरे हुए-जैसे इसे पानी से ऊपर उठा लिया गया हो, और उन तस्वीरों में छोटी-छोटी डिटेल भी साफ नजर आती है, जैसे एक प्रोपेलर पर पड़ा हुआ सीरियल नंबर। अब नए स्कैन इस बात पर अधिक रोशनी डाल सकते हैं कि वास्तव में जहाज के साथ क्या हुआ था, क्योंकि इतिहासकारों और विज्ञानियों के पास ज्यादा समय नहीं है, क्योंकि जहाज खत्म हो रहा है।
मलबे में अब भी दबी कई कहानियां
कई सालों तक टाइटैनिक का अध्ययन करने वाले पार्क्स स्टीफेन्सन ने बताया, ‘अब हम आखिरकार इंसानी व्याख्या के बिना टाइटैनिक को सीधे देख पा रहे हैं, और जानकारी सीधे सबूतों और आंकड़ों से हासिल हो रही है। स्टीफेन्सन ने कहा, मलबे से अब भी बहुत कुछ सीखना बाकी है, जो दरअसल, इस हादसे का आखिरी जीवित चश्मदीद गवाह है, और उसके पास बताने के लिए बहुत-सी कहानियां हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।