यूक्रेन ने लांघी सीमा...पुतिन की हत्या को भेजे ड्रोन! क्रेमलिन पर मार गिराए लेकिन रूसी डिफेंस सिस्टम पर उठे सवाल?
<p><em><strong>यूक्रेन युद्ध अब भीषण हो चला है, जिसमें मर्यादाएं टूटने लगी हैं। रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या के लिए क्रेमलिन पर ड्रोन हमला किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि यूक्रेनी ड्रोन इतनी दूरी पर स्थित मॉस्को के अंदर कैसे पहुंच गए।</strong></em></p>
रूस ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया है। क्रेमलिन ने दावा किया है कि मंगलवार रात दो यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया है। इन ड्रोन का मलबा क्रेमलिन के परिसर के अंदर गिरा है। हालांकि इससे कोई हताहत नहीं हुआ है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि ड्रोन हमले के वक्त राष्ट्रपति पुतिन क्रेमलिन में मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस घटना को आतंकवादी कृत्य और रेड लाइन पार करने वाली कार्रवाई करार दिया। रूस ने ऐलान किया है कि वह इस हमले का बदला लेने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। अभी तक किसी भी देश ने दोनो देशों के राष्ट्राध्यक्षों या उनके कार्यालयों को निशाना नहीं बनाया था। ऐसे में आशंका है कि रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द ही निर्णायक रुख ले सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस खबर की पुष्टि की है और इसी एजेंसी का ट्वीट हम शेयर कर रहे हैं।
साभार ट्वीट एएनआई
#WATCH | Russia today alleged that there were attempts by Ukraine to assassinate President Putin, saying it was a "terrorist attack" while claiming it shot down drones over the residence of Putin
(Video: Russia's RT news) pic.twitter.com/6b7jkeYluT— ANI (@ANI) May 3, 2023
मॉस्को तक कैसे पहुंचा यूक्रेनी ड्रोन
मॉस्को से यूक्रेनी सीमा की दूरी लगभग 600 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करने के लिए किसी भी ड्रोन को चंद मिनटों का समय लगेगा। पहले भी यूक्रेन के कई ड्रोन को मॉस्को के नजदीक पहुंचते हुए देखा गया है। अप्रैल के आखिरी में यूक्रेन का ड्रोन नोगिंस्क के जंगल में पाया गया था। यह जंगल मॉस्को की सीमा के नजदीक है। इस ड्रोन में कनाडा से आपूर्ति किया गया 17 किलोग्राम विस्फोटक लगा था। ऐसे में मॉस्को के अंदर तक ड्रोन की घुसपैठ को मुश्किल नहीं माना जा सकता है। लेकिन, क्रेमलिन तक ड्रोन पहुंचने की घटना रूस के लिए चिंता का विषय जरूर हो सकती है।
अभेद्य किला कहा है रूसी राष्ट्रपति कार्यालय
रूसी राष्ट्रपति का कार्यालय क्रेमलिन एक किलेनुमा जगह है। क्रेमलिन नाम का अर्थ है ‘एक शहर के अंदर का किला।’ इसके अंदर और बाहर सुरक्षा का विशेष प्रबंध रहता है। शीत युद्ध के समय से ही क्रेमलिन की सुरक्षा इतनी चाक चौबंद है कि बिना अनुमति कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। यही कारण है कि यूक्रेनी ड्रोन को हमले के पहले ही मार गिराया गया है। क्रेमलिन के अंदर पांच महल, चार चर्च और बाउंड्री वॉल से लगे हुए कई टावर हैं। परिसर के भीतर ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस है, जो पहले मॉस्को में रूसी सम्राट का निवास था। यह परिसर अब रूसी राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है। क्रेमलिन दक्षिण में मोस्क्वा नदी, पूर्व में सेंट बेसिल कैथेड्रल और रेड स्क्वायर और पश्चिम में अलेक्जेंडर गार्डन के बीच में स्थित है।
क्या एस-400 मिसाइल सिस्टम नाकाम हो गया
रूस के पास दुनिया का सबसे ताकतवर मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 मौजूद है। इसके अलावा रूस एस-500, एस-300 जैसे डिफेंस सिस्टमों के जरिए हवाई निगरानी करता है। ऐसी संभावना है कि यह ड्रोन सीमा से काफी नीची उड़ान भरता हुआ रूसी क्षेत्र में दाखिल हुआ। इस कारण रूसी रडार ड्रोन को पहचान नहीं सके। एक संभावना यह भी है कि ड्रोन को रूस की सीमा के अंदर से लॉन्च किया गया हो, जिससे यह डिफेंस सिस्टम की नजर में आए बिना क्रेमलिन तक पहुंच गया हो। एस-400 मिसाइलों के अलावा ड्रोन को भी मार गिरा सकता है। अभी तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि रूस ने एस-400 को कहां-कहां तैनात किया है, जिससे उसके और ड्रोन के रास्तों का मिलान किया जा सके।
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