यूक्रेन युद्ध: रूस की सेना ने किया सोलेदार पर कब्जे का दावा, खात्मे की ओर जंग !

<p><em><strong>यूक्रेन के एक नगर सोलेदार पर कब्जे की ओर बढ़ रही रूसी सेना इसे अपनी अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी बता रही है। बीते मंगलवार को जारी एक सेटेलाइट इमेज में यूक्रेन का पूरा सोलेदार शहर तबाह दिख रहा है। लेकिन रूसी दावों को यूके्रन खोखला बता रहा है।</strong></em></p>

यूक्रेन युद्ध: रूस की सेना ने किया सोलेदार पर कब्जे का दावा, खात्मे की ओर जंग !
15-01-2023 - 11:48 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

रूस की सेना ने बताया है कि अब यूक्रेनी शहर सोलेदार पर उसका कब्जा है और यह उसके अभियान में एक अहम कदम है लेकिन यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस शहर पर कब्जे को लेकर खोखला प्रचार कर रहा है। वहां लड़ाई अब भी जारी है।
सोलेदार शहर रूस के लिए दो वजह से अहम है। जानकारों की राय में एक तो इस जीत से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूस में अपने विरोधियों को चुप कराने का मौका मिलेगा। दूसरे ये शहर प्राकृतिक संसाधनों के मामले में संपन्न है। रणनीतिक लिहाज से भी ये शहर अहम है. इस शहर पर कब्जे की लड़ाई पूरे संघर्ष में ‘सबसे खूनी जंग’ साबित हुई है। रूस की सेना ने दावा किया है, ‘सोलेदार पर कब्जे के बाद पास के शहर बखमुत में सैनिकों को भेजने में आसानी होगी और वहां यूक्रेन की सेना की पहुंच को रोका जा सकेगा।’
अलग-अलग दावे
रूसी सेना सोलेदार पर कब्जे का दावा कर रही है। चार दिन पहले ही रूस की तरफ से भाड़े पर लड़ने वाले येवगेनी प्रिगोजिन ने एलान कर दिया था कि उनके ‘वैगनर यूनिट’ ने पूरे सोलेदार शहर को कब्जे में ले लिया है। प्रिगोजिन ने अपने दावे के पक्ष में जो तस्वीर जारी की थी, उसे देखकर लगा भी कि ऐसा हो सकता है।
सोलेदार इतना अहम क्यों?
ये छोटा सा शहर यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में है और रणनीतिक रूप से बेहद अहम शहर बखमूत से महज 10 किलोमीटर दूर है. जैसा कि रूसी सेना ने दावा किया, सोलेदार पर कब्जे का मतलब होगा यूक्रेन के कई शहर रूसी तोपों के सीधे निशाने पर आ जाएंगे। सोलेदार में नमक की गहरी खदानें हैं, जिनका इस्तेमाल रूसी सेना अपने सैनिकों और हथियारों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में कर सकती है। इस तरह का एक वीडियो टेलीग्राम के रूसी चैनल पर जारी किया गया है। 
सुरंगों के जाल से यूक्रेन पर बढ़त
नमक की इन खदानों में गहरी सुरंगों का जाल है, जो रूसी सेना के लिए यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में दाखिल होने के लिए रणनीतिक रूप से अहम हो सकती हैं। हालांकि ये साफ नहीं है कि सुरंगों के नेटवर्क में कहां तक पहुंचा जा सकता है और ये कहां जाकर खत्म होती हैं। सोलेदार की खदानों में नमक के साथ बड़ी मात्रा में जिप्सम जैसा बहुमूल्य खनिज है। खदानों पर जिसका नियंत्रण होगा, वो खनिज के जरिए बड़ा राजस्व जुटा सकता है।
सोलेदार पर जीत के मायने
लेकिन सोलेदार की लड़ाई में जो सबसे अहम बात है वो है, इसका सांकेतिक रुप से महत्वपूर्ण होना। रूसी सेना अगर सोलेदार को जीतने के लिए सबकुछ दांव पर लगा रही है तो इसके पीछे बड़ी वजह है, प्रोपेगेंडा के मोर्चे पर बढ़त। इसका मकसद है, राष्ट्रपति पुतिन के हाथ जीत की एक ट्रॉफी थमाना, जिसके जरिए वो रूस में अपने बढ़ते आलोचकों का मुंह बंद करा सकें।
यूक्रेन के खिलाफ अब तक की जंग में वैगनर ग्रुप काफी प्रभावशाली बनकर उभरा है। युद्ध के मोर्चों पर इसके लगातार आगे बढ़ने के पीछे पूरी योजना है इसके लीडर प्रिगोजिन की।
सोलेदार और बखमुत ये दो ऐसे इलाके हैं जहां रूसी सेना फ्रंट पर मौजूद है। बाकी सरहदी इलाकों में सेना की प्रगति से राष्ट्रपति पुतिन नाखुश हैं। उनके आदेष पर रूसी सेना के हाई कमान ने यूक्रेन में लड़ रही सेना की कमान संभाल रहे जनरल को हटा दिया। उस जनरल को अभी तीन महीने पहले ही यूक्रेन में रूसी सेना को आगे बढ़ाने के लिए तैनात किया गया था।
इंस्टीट्यूट ऑफ वॉर स्टडीज के मुताबिक सोलेदार और बखमुत में प्रिगोजिन घोषित और अघोषित लड़ाकों के ग्रुप का नेतृत्व करते रहेंगे, ये जताने के लिए भी कि रूसी सेना में अकेला उनका ही एक समूह है जो रूस के लिए वांछित नतीजे हासिल कर सकता है।
प्रिगोजिन का वैगनर ग्रुप दक्षिण अफ्रीका के कई देशों में अहम भूमिका निभा चुका है, जहां सरकारें बागी विद्रोहियों से जूझ रही थीं। लड़ाई के दौरान ये लड़ाके खनिज और दूसरे संसाधनों पर भी कब्जा जमा लेते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।