‘हल्दी की गांठ क्या मिल जाती है, पंसारी समझ लेते हैं...’ वसुंधरा राजे का पायलट पर पलटवार
<p><em><strong>पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने पायलट का बिना नाम लिए कहा कि कई लोगों को निन्दा और झूठे आरोप लगाए बिना नींद ही नहीं आती।</strong></em></p>
पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने इशारों ही इशारों में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट पर पलटवार किया। उन्होंने पायलट का बिना नाम लिए कहा कि विश्नोई समाज के 29 नियमों में से 13वां नियम निंदा नहीं करना व 14वां नियम झूठ नहीं बोलना है, लेकिन कई लोगों को निन्दा और झूठे आरोप लगाए बिना नींद ही नहीं आती, लेकिन झूंठे आरोप उसी पर लगते हैं, जो विपक्ष की नींद उड़ाकर रखे। वे गुरुवार को सूरतगढ़ में विश्नोई समाज के जम्भेश्वर मंदिर कलश स्थापना समारोह में बोल रही थी।
दूध और नीबू के रस का मेल कैसे
राजे बोली कई लोग षड्यन्त्रपूर्वक एक ही झूठ बोलते आ रहे हैं कि ‘वो तो मिले हुए हैं, उनमें तो मिलीभगत हैं’। जिनसे सिद्धांत नहीं मिलते, जिनसे विचारधारा नहीं मिलती, जिनसे रोज-रोज कर्णभेदी व अमर्यादित भाषा सुनने को मिली हों, उनसे मिलीभगत कैसे सम्भव है। क्या कभी दूध और नींबू रस आपस में मिल सकते है?
हल्दी की गांठ क्या मिली...
उन्होंने कहा कि विश्नोई समाज के 20 वें नियम में है-अहंकार का त्याग। जो नए-नए राजनीतिज्ञों में होता है। हल्दी की गांठ क्या मिल जाती है, पंसारी समझ लेते हैं। न छोटों से सद व्यवहार और न बड़ों का सम्मान, पर हमारी पार्टी में ऐसा नहीं है।
जो योग्य नहीं, उसे क्षमा नहीं करना चाहिए
उन्होंने कहा कि विश्नोई समाज का 10 वां नियम है, क्षमा। पर जो क्षमा करने योग्य ना हो, उसे क्षमा नहीं करना चाहिए। 12 वां नियम है-चोरी नहीं करना। भ्रष्टाचार एक किस्म की चोरी ही है। जहां बिना पैसे काम नहीं होते, वहां महंगाई कैसे कम होगी ? लगाना ही है तो भ्रष्टाचार राहत कैम्प लगाएं। महंगाई अपने आप कम हो जाएगी। उनका यह कटाक्ष था, गहलोत सरकार के महंगाई राहत कैंपों पर। पूर्व सीएम ने कहा कि सम्पूर्ण समाज का जो भला कर सके, ऐसे लोगों का ही साथ दो, ताकि हम आपकी फिर से सेवा कर सके।
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