सूरत कोर्ट से दो साल की सजा के बाद वायनाड सांसद और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त

<p><em>सूरत कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम को लेकर अपमान से परिपूर्ण टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गयी। इस&nbsp;सजा के बाद केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता समाप्त&nbsp;कर दी गई है। उल्लेखनीय&nbsp;है कि दो साल या उससे ज्यादा की सजा के बाद सांसदों या विधायकों की सदस्यता खत्म हो जाती है।</em></p> <p><em><strong>यह भी पढ़ें</strong></em></p> <p><a href="https://www.newsthikana.com/post/i-m-wiping-my-nose-at-you-what-did-rahul-gandhi-say-to-the-congress-president--rv96160">आप पर नाक पोछ रहा हूं ...ये क्या कह दिया राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से..! (newsthikana.com)</a></p>

सूरत कोर्ट से दो साल की सजा के बाद वायनाड सांसद और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त
24-03-2023 - 02:34 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

इस मामले पर  कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त किया जाना यह जताता है कि उनके नेता को सच बोलने की सजा दी गई। लोकसभा सचिवालय ने मानहानि मामले में 2 साल की सजा के बाद ये राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने का नोटिस जारी कर दिया है।

ध्यान दिला दें कि सूरत न्यायालय ने वर्ष 2019 में दर्ज ‘मोदी उपनाम’ मानहानि मामले में राहुल गांधी को दो साल जेल की सजा सुनाई है। हालांकि न्याायलय इस मामले में  गांधी को 10 मिनट बाद ही जमानत देते हुए उनकी सजा के कार्यान्वयन पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी थी। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर ही रहे थे कि लोकसभा से उन्हें अयोग्य ठहरा दिया गया। लोकसभा की सदस्यता समाप्त हो जाने के कारण अब राहुल गांधी को मिला बंगला तो छिनेगा ही इसके साथ ही  ऊपरी न्यायासय में राहत नहीं मिली तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

क्या कहना है विशेषज्ञों का

कानून और संविधान के जानकारों का कहना है कि जैसे ही सूरत कोर्ट का फैसला आया इसके साथ ही  राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने का खतरा भी मंडराने लगा था।  विशेषज्ञों का कहा है कि  सूरत कोर्ट से सजा का ऐलान होने के साथ ही अयोग्यता प्रभावी हो जाती है। अगर ऊपरी अदालत में दोष सिद्धि और सजा पर रोक लगती है तो अयोग्यता भी समाप्त  हो जाएगी। 

आज दोपहर में आयी अधिसूचना

राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने को लेकर लोकसभा की अधिसूचना आज दोपहर में ही जारी की गयी। इस अधिसूचना के अनुसार अब वे लोकसभा में नहीं बैठ पाएंगे। आज यानी शुक्रवार, 24 मार्च 2023 को लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सूरत कोर्ट की ओर से 23 मार्च को दी गई सजा के आधार पर वायनाड के सांसद की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। अधिसूचना में संविधान के अनुच्छेद 102(1) (ई) और जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 8 का हवाला दिया है। आदेश की यह कॉपी राहुल गांधी को भी भेजी गई है। आखिर में उनके नाम के आगे पूर्व एमपी यानी पूर्व सांसद लिखा गया है। इस अधिसूचना की एक-एक कॉपी राष्ट्रपति सचिवालय, पीएम सचिवालय, राज्यसभा सचिवालय, चुनाव आयोग, भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजी गई है। कांग्रेस की सदस्यता खत्म करने के आदेश को एनडीएमसी, केरल के चुनाव अधिकारी और लोकसभा सचिवालय के सभी दफ्तरों में भेजा गया है। 

याद करें राहुल गांधी का कांग्रेस के अध्यादेश को फाड़ना

विशेषज्ञों का कहना है कि राहुल गांधी यदि जोल जाते हैं तो दो साल की सजा के बाद वे 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। लोकसभा सचिवालय से जारी अधिसूचना के बाद से वर्ष 2013 का वो अध्यादेश चर्चा में में आ गया है, जिसे सजायाफ्ता सांसदों को तत्काल अयोग्यता से बचाने के लिए कांग्रेस सरकार लेकर आई थी। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने मीडिया के सामने ही उसे फाड़कर अपनी नाराजगी जताई थी। वर्ष 2013 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 (4) को रद्द कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि अगर सदन का मौजूदा सदस्य दो साल से अधिक जेल की सजा वाले मामले में दोषी ठहराया जाता है और सजा के 3 महीने के भीतर अपील दायर करता है, तो उसे सदस्यता धारण करने से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। इसका मतलब यह था कि ऐसे सांसदों के लिए सिर्फ अपील काफी नहीं होगी बल्कि दोषसिद्धि पर रोक भी जरूरी है। इसे पलटने के लिए धारा 8 (4) को बनाए रखने के लिए कांग्रेस सरकार एक अध्यादेश लाई थी। अगर वह अध्यादेश होता तो राहुल गांधी का की लोकसभा सदस्यता बचाई जा सकती थी। 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।