अंधेरी पूर्व के उपचुनाव में ना शिंदे और ना ही ठाकरे गुट शिवसेना के नाम और चिन्ह का इस्तेमाल कर सकेंगे..!
चुनाव आयोग फिलहाल शिवसेना के मामले में सख्त है और उसने
अंधेरी पूर्व सीट पर उपचुनाव के संदर्भ में शिवसेना के किसी भी गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने से रोक दिया है। शिवसेना पर अधिकार को लेकर मामला सर्वोच्च न्यायालय में है और उसने अंधेरी पूर्व के उपचुनाव के लिए शिवसेना का चुनाव चिन्ह किसे दिया जाए, मामले में चुनाव आयोग को फैसले की अनुमति दी थी।
उल्लेखनीय है कि शिवसेना पर अधिकार को लेकर उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुटों के मघ्य लड़ाई विवाद है। इस विवाद के मद्देनजर चुनाव आयोग की ओर से पारित अंतरिम आदेश में कहा गया है कि अंधेरी पूर्व उपचुनाव में दोनों समूहों में से किसी को भी ‘शिवसेना’ के लिए आरक्षित ‘धनुष और तीर’ के चुनाव चिह्न का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
इसमें कहा गया है कि आगामी उपचुनाव के लिए दोनों समूहों को चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित चुनाव चिह्नों की सूची दी जाएगी जिसमें से दोनों गुट अलग-अलग प्रतीकों को चुन सकते हैं। आयोग ने इसके साथ ही दोनों समूहों को 10 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक अपना चुनाव चिह्न चुनकर जानकारी देने को कहा है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अंधेरी (ईस्ट) विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है और इसके लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, जिसका परिणाम 6 नवंबर को घोषित किया जाएगा। इस उपचुनाव को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े की लोकप्रियता की पहली परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में दोनों ही शिंदे और ठाकरे गुटों ने पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘धनुष बाण’ पर दावा किया।
इस सीट का प्रतिनिधित्व शिवसेना के दिवंगत विधायक रमेश लटके करते थे. लगातार दो बार से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे लटके का इस साल मई में निधन हो गया था, जिससे यह सीट खाली हो गई थी. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिंदे गुट ने मुंबई नगर निगम के पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के दिवंगत लटके की पत्नी रुतुजा लटके को इस सीट से उम्मीदवार बनाने की संभावना है
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