‘स्पष्ट चुनावी गड़बड़ी’: बीजेपी का आरोप कि भारतीय नागरिकता से पहले ही मतदाता बनीं सोनिया गांधी, कांग्रेस ने ठीकरा फोड़ा चुनाव आयोग पर..!

बीजेपी ने बुधवार को कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी भारतीय नागरिकता मिलने से कई साल पहले ही भारत की मतदाता बन गई थीं। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी का, भारत की मतदाता सूची से रिश्ता चुनावी कानून के गंभीर उल्लंघनों से भरा पड़ा..

‘स्पष्ट चुनावी गड़बड़ी’: बीजेपी का आरोप कि भारतीय नागरिकता से पहले ही मतदाता बनीं सोनिया गांधी, कांग्रेस ने ठीकरा फोड़ा चुनाव आयोग पर..!
14-08-2025 - 07:28 AM
14-08-2025 - 07:37 AM

नयी दिल्ली। बीजेपी ने बुधवार को कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी भारतीय नागरिकता मिलने से कई साल पहले ही भारत की मतदाता बन गई थीं। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी का “भारत की मतदाता सूची से रिश्ता चुनावी कानून के गंभीर उल्लंघनों से भरा पड़ा है।” उन्होंने इस मामले को राहुल गांधी पर भी निशाना साधने के लिए जोड़ा, आरोप लगाते हुए कि वह “अयोग्य और अवैध मतदाताओं को वैध बनाने” के पक्षधर हैं और बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

मालवीय का दावा – इटली की नागरिक रहते मतदाता बनीं सोनिया

मालवीय के मुताबिक, सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में मतदाता सूची में शामिल हुआ — तीन साल पहले, जब वह भारतीय नागरिक बनीं, और उस समय उनके पास इटली की नागरिकता थी। उस समय गांधी परिवार 1, सफदरजंग रोड में रहता था, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का सरकारी आवास था।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची 1 जनवरी 1980 की पात्रता तिथि के साथ संशोधित हुई और सोनिया गांधी का नाम मतदान केंद्र 145 में क्रम संख्या 388 पर दर्ज हुआ। “यह प्रविष्टि कानून का स्पष्ट उल्लंघन थी, जिसमें मतदाता पंजीकरण के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक है,” उन्होंने आरोप लगाया।

मालवीय ने कहा कि 1982 में जन आलोचना के बाद यह नाम हटा दिया गया, लेकिन 1983 में यह फिर दर्ज हुआ। इस बार मतदान केंद्र 140 में क्रम संख्या 236 पर, 1 जनवरी 1983 की पात्रता तिथि के साथ, यानी 30 अप्रैल 1983 को नागरिकता मिलने से महीनों पहले। उन्होंने कहा, “दूसरे शब्दों में, सोनिया गांधी का नाम दो बार मतदाता सूची में आया, जबकि वह दोनों बार नागरिकता की मूल शर्त पूरी नहीं करती थीं..पहली बार 1980 में इटली की नागरिक रहते हुए और दूसरी बार 1983 में, नागरिक बनने से पहले।” 

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राजीव गांधी से शादी के 15 साल बाद उन्होंने नागरिकता क्यों ली। “अगर यह स्पष्ट चुनावी गड़बड़ी नहीं है, तो फिर क्या है?” मालवीय ने कहा और 1980 की मतदाता सूची से एक अंश भी पोस्ट किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी आरोप दोहराया कि 1946 में इटली में जन्मीं सोनिया मैनो का नाम 1980 से 1982 तक सूची में था, जबकि वह नागरिक नहीं थीं। ठाकुर ने राहुल गांधी को भी महाराष्ट्र और कर्नाटक में मतदाता धांधली के अपने आरोपों पर “झूठ बोलने और गलत आंकड़े पेश करने” का आरोप लगाया।

कांग्रेस का जवाब – जिम्मेदारी चुनाव आयोग की

कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने कभी मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया। तारिक अनवर ने एनडीटीवी से कहा, “देखिए… जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। सोनिया गांधी ने नहीं कहा कि ‘मेरा नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए’। अंत में, यह चुनाव आयोग ही था जिसने उन्हें सूची में जोड़ा…”

उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने खुद नाम जुड़वाने का अनुरोध किया, न ही तब की कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग पर दबाव डाला। “चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है… और वह अपने फैसले खुद लेता है,” उन्होंने कहा।

अनवर ने यह भी आरोप लगाया कि अब चुनाव आयोग “बीजेपी का हिस्सा बन गया है” और उससे “स्वतंत्र रूप से काम करने” की अपील की।

मतदाता सूची को लेकर व्यापक विवाद

यह विवाद उस समय बढ़ा है जब कर्नाटक, महाराष्ट्र और अब बिहार में मतदाता धांधली के आरोपों को लेकर सियासी जंग जारी है। राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है, दावा करते हुए कि पिछले साल के चुनाव में 1.02 लाख अवैध वोट गिने गए — जिनमें से 80 वोट बेंगलुरु के महादेवपुरा की एक ही एक-कमरे के मकान से थे — और इसी कारण कांग्रेस एक लोकसभा सीट हार गई।

कांग्रेस का यह भी आरोप है कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन की हार के बाद विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले मतदाता सूची में एक करोड़ से अधिक नाम जोड़े गए।

बिहार में विपक्ष का आरोप है कि चल रहा SIR लाखों ऐसे मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश है, जो उनके समर्थन में वोट कर सकते हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताया है और राहुल गांधी को सबूत के साथ शपथपत्र दाखिल करने की चुनौती दी है। बीजेपी ने उन पर “संवैधानिक संस्था की छवि खराब करने” का आरोप लगाया है, जबकि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस बिहार चुनाव में हार का बहाना पहले से तैयार कर रही है। उन्होंने एक रैली में कहा,“आप चुनाव दर चुनाव हारते हैं… और अब इस चुनाव से पहले ही हार का बहाना ढूंढ रहे हैं।” 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।