आज रात आसमान में दिखेगी छह ग्रहों की अद्भुत श्रृंखला..!
खगोल प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव आने वाला है, क्योंकि छह ग्रह एक विशेष प्रकार की श्रृंखला में एक साथ दिखाई देंगे। इसे "ग्रहीय संरेखण" कहा जा रहा है। ये ग्रह धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं, जिसमें शनि और शुक्र पिछले सप्ताह के संयोजन के बाद केवल कुछ अंगुलियों की दूरी पर दिखाई दे रहे हैं।
नयी दिल्ली। खगोल प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव आने वाला है, क्योंकि छह ग्रह एक विशेष प्रकार की श्रृंखला में एक साथ दिखाई देंगे। इसे "ग्रहीय संरेखण" कहा जा रहा है। ये ग्रह धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं, जिसमें शनि और शुक्र पिछले सप्ताह के संयोजन के बाद केवल कुछ अंगुलियों की दूरी पर दिखाई दे रहे हैं।
इस तरह की ग्रहीय संरेखण दुर्लभ होती हैं और खगोल विज्ञान प्रेमियों और आकस्मिक सितारा देखने वालों के लिए यह एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं। हालांकि ये ग्रह एक पूरी तरह से सीधी रेखा में नहीं होंगे, लेकिन आसमान के एक ही हिस्से में इनकी एक साथ दृश्यता एक अद्भुत दृश्य होगी।
कौन-कौन से ग्रह संरेखित होंगे?
इस संरेखण में शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, नेपच्यून और अरुण शामिल होंगे। हालांकि ये सभी ग्रह एक सही संरेखण में नहीं होंगे, फिर भी अंतरिक्ष की विशालता में ये लाखों किलोमीटर की दूरी पर अलग-अलग स्थित होंगे।
यह संरेखण पृथ्वी की कक्षा में उसकी स्थिति के कारण होता है। नासा ने कहा है कि मंगल ने जनवरी में "विपरीत स्थिति" (opposition) प्राप्त की थी, जब यह ग्रह पृथ्वी और सूर्य के ठीक विपरीत स्थिति में आ जाता है और एक सीधी रेखा बनती है। इस समय ग्रह पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिससे यह सबसे बड़ा और सबसे चमकदार दिखाई देता है।
यह संरेखण कब दिखाई देगा?
संरेखण 21 जनवरी से शुरू होगा। इसे देखने का आदर्श समय सूर्यास्त के लगभग 45 मिनट बाद है और यह दृश्य तीन घंटे तक रहेगा, जब तक कि शुक्र और शनि पश्चिमी क्षितिज के नीचे नहीं डूब जाते।
नासा ने कहा है कि पूरे महीने सूर्यास्त के बाद आप दक्षिण-पश्चिम में पहले कुछ घंटों के लिए शुक्र और शनि देख सकते हैं, जबकि बृहस्पति आसमान में ऊंचाई पर चमकता रहेगा और मंगल पूर्व दिशा से उदय होगा।
क्या यह संरेखण भारत में दिखाई देगा?
हाँ, यह दुर्लभ संरेखण पूरे भारत में दिखाई देगा, बशर्ते बादल और मौसम अनुकूल हों।
भारत के लगभग हर शहर में यह ग्रहीय संरेखण देखा जा सकता है।
हालांकि आप चार ग्रहों शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि को नंगी आंखों से देख सकते हैं, लेकिन नेपच्यून और अरुण को देखने के लिए आपको एक टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी क्योंकि ये बहुत धुंधले दिखाई देते हैं।
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