अडानी-एनडीटीवी मामले में ‘अंबानी कनेक्शन’
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अडानी ग्रुप ने एनडीटीवी को खरीद लिया है ! तीन दिनों से खबरों और सोशल मीडिया में इसी पर ही चर्चा हो रही है। लोग मीम बना रहे हैं, तो कुछ लोग चिंतित भी हैं। वहीं, इस मामले में मुकेश अंबानी के कनेक्शन पर भी लोग बात कर रहे हैं। अडानी और एनडीटीवी के बीच जो कुछ भी हुआ, उसमें अंबानी का कनेक्शन जानने से पहले एक बात जान लेना जरूरी है। एनडीटीवी पर अडानी ग्रुप का मालिकाना हक नहीं हुआ है। अडानी ग्रुप के पास एनडीटीवी में 29.30 फीसदी हिस्सेदारी आई है। जब तक अडानी ग्रुप के पास एनडीटीवी में 51 फीसदी या इससे अधिक हिस्सेदारी नहीं आएगी, इस मीडिया कंपनी का मालिकाना हक गौतम अडानी के पास नहीं आएगा। फिलहाल, एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय और राधिका रॉय के पास अभी भी कंपनी में कुल 32.26 फीसदी हिस्सेदारी है। कहा जा रहा है कि देर-सबेर अडानी का इस एनडीटीवी में खुली पेशकश के जरिये 26 फीसदी और हिस्सेदारी खरीदने का कार्यक्रम है।
अब आते हैं अंबानी कनेक्शन पर.. तो इस मामले का कनेक्शन मुकेश अंबानी से है। दरअसल, अडानी गु्रप की जिस कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स ने एनडीटीवी में 29.30 फीसदी हिस्सेदारी ली है, वह पहले रिलायंस गु्रप से जुड़ी कंपनी थी।
रिलायंस की कंपनियों से आया लोन का पैसा
गौतम अडानी के पास एनडीटीवी की हिस्सेदारी प्रणय और राधिका रॉय द्वारा लिए गए एक लोन के चलते आई है। यहां दिलचस्प बात यह है कि प्रणय और राधिका रॉय को यह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से रिलायंस की कंपनियों द्वारा ही मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है, रिलायंस वेंचर्स लिमिडेट। इस कंपनी से साल 2009-10 में 403.85 करोड़ का लोन शिनानो रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के पास आया। इस कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड होल्डिंग्स लिमिटेड के पास थी। इसके बाद शिनानो से उतना ही पैसा विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के पास आया। इस कंपनी के डायरेक्टर अश्विन खासगीवाला और कल्पना श्रीनिवासन थे। ये दोनों रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड से भी जुड़े थे। इसके बाद उसी साल विश्वप्रधान से उतना ही पैसा राधिका रॉय और प्रणव रॉय की कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के पास आया।
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