बिपरजॉय', 'गाजा', अम्फान, 'ताउते, 'मोचा'...आखिर रखता कौन है चक्रवातों के ऐसे नाम..? क्या मतलब है 'बिपरजॉय' का 

<p><em>चक्रवात &#39;बिपरजॉय&#39; गुजरात की ओर बढ़ रहा है। हालाकिं मौसम विभाग ने &#39;बिपरजॉय&#39; को &#39;अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान&#39; (ESCS) से डाउनग्रेड कर &#39;बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान&#39; (VSCS) घोषित किया है। फिर भी सबका ध्यान &nbsp;&#39;बिपरजॉय&#39; पर ही टिका हुआ है। तेजी से गुजरात (Gujarat) की ओर बढ़ रहे बिपरजॉय को वहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 15 जून की शाम तक इसके सौराष्ट्र और कच्छ से गुजरने की संभावना है।&nbsp;</em></p> <p><em>क्या आपको पता है &#39;बिपरजॉय&#39; के अलावा &#39;गाजा&#39;,अम्फान,&#39;ताउते,मोचा जैसे नाम भी चक्रवातों के ही हैं। आखिर ये अज्जेबों गरीब नाम कौन रखता है??चक्रवात क्या होता है? ये &nbsp;कितने प्रकार के होते हैं? &#39;बिपरजॉय&#39; का नाम कैसे पड़ा? इसका क्या मतलब होता है? चलिए जानते हैं इन सब सवालों के जवाब :</em></p>

बिपरजॉय', 'गाजा', अम्फान, 'ताउते, 'मोचा'...आखिर रखता कौन है चक्रवातों के ऐसे नाम..? क्या मतलब है 'बिपरजॉय' का 
14-06-2023 - 12:26 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चक्रवात क्या होता है?
'चक्रवात' हवाओं का लगातार बदलता हुआ चक्र है जिसके केंद्र में निम्न वायुदाब और बाहर उच्च वायुदाब होता है।  इसे ऐसे भी समझ सकते हैं- चक्रवात हवा की एक बड़े पैमाने की प्रणाली है जो कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र के चारों ओर घूमती है। चक्रवात की वजह से तूफानी हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है।

चक्रवात के प्रकार
चक्रवात मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

१-उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone)
२-शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Extra-tropical Cyclone)

उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone): उष्णकटिबंधीय चक्रवात वो होते हैं जो मकर और कर्क रेखा के बीच के क्षेत्रों में विकसित होते हैं। उष्णकटिबंधीय चक्रवात अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी होते हैं।  ये चक्रवात उष्णकटिबंधीय महासागरों की सतह पर उत्पन्न होते हैं और तटीय क्षेत्रों की तरफ बढ़ते हैं। निम्न वायमंडलीय दबाव, तेज हवाएं और भारी बारिश इनकी मुख्य विशेषताएं हैं,उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न नामों से जाना जाता है। उत्तरी अटलांटिक महासागर और पूर्वी उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में इन्हें हरिकेन कहा जाता है। वहीं फिलीपींस, जापान और चीन के आसपास के पश्चिमी उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में इसे टाइफून कहा जाता है। 'बिपरजॉय' एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात है। 

शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Extra-tropical Cyclone): शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात मुख्य रूप से उत्तरी अटलांटिक महासागर, भूमध्य सागर, उत्तरी प्रशांत महासागर और चीन सागर में बनते हैं। ये चक्रवात ठंडी और गर्म, यानी दो विपरीत गुणों वाली हवाओं के मिलने से बनते हैं। ये चक्रवात उत्तरी गोलार्ध में केवल सर्दियों के मौसम में बनते हैं, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में जलीय भाग के ज्यादा होने के कारण साल भर बनते रहते हैं। 

चक्रवात 'बिपरजॉय' क्या है?
'बिपरजॉय' एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात है। जिसमें 125-135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। वहीं लैंडफॉल होने पर हवा की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 'मोचा' के बाद यह 2023 उत्तर हिंद महासागर चक्रवात के मौसम का दूसरा तूफान है। 

किस तरह का खतरा ?

कच्चे घरों को भी व्यापक नुकसान का खतरा
पक्के मकानों को भी हो सकता है हल्का नुकसान
छप्पर वालों घरों के पूरी तरह नष्ट होने का खतरा
कच्ची और पक्की सड़कों को भारी नुकसान
पलायन मार्गों पर बाढ़ का खतरापेड़ उखड़ सकते हैं
रेलवे, ओवरहेड बिजली लाइन और सिग्नल सिस्टम को नुकसान
बिजली और संचार के खंभे झुक सकते हैं या गिर सकते हैं
खड़ी फसलों, वृक्षारोपण, बागों को व्यापक नुकसान 
विजिबिलटी पर बुरा असर

'बिपरजॉय' का नाम किसने रखा और इसका क्या मतलब है?
बता दें कि इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश ने 'बिपरजॉय' रखा है। बांग्ला में इस नाम का मतलब "आपदा" या "विपत्ति" होता है। 

कैसे रखे जाते हैं चक्रवातों के नाम ?
2000 से विश्व मौसम संगठन यानी WMO और यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमिशन फॉर द एशिया पैसेफिक यानी ESCAP ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के तूफानों के नामकरण करना शुरू किया। |वर्तमान में साइक्लोन के नाम रखने का काम दुनिया भर में मौजूद छह विशेष मौसम केंद्र, रीजनल स्पेशलाइज्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर्स यानी RSMCS और पांच चक्रवाती चेतावनी केंद्र यानी ट्रॉपिकल साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर्स यानी TCWCS करते हैं । 

क्यों ज़रूरो चक्रवातों का नामकरण 
 चक्रवातों के नाम इसलिए रखे जाते हैं, ताकि उनकी पहचान करना आसान हो। हर साल साइक्लोन के नाम अल्फाबेटकली क्रम में यानी A से Z तक तय होते है। एक नाम का दोबारा इस्तेमाल कम से कम 6 साल बाद ही हो सकता है। 

बिपरजॉय को ट्रैक करने में क्या दिक्कत हो रही है?
बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का ट्रैक स्पष्ट नहीं है क्योंकि विभिन्न जलवायु मॉडल अलग-अलग पूर्वानुमान लगा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत को सतर्क रहना चाहिए।  पिछले कुछ दिनों में बिपरजॉय की दिशा और रफ्तार में बदलाव देखने को मिला है। 
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।