‘नहीं भूलूंगा...’ पीएम मोदी संग चाय के बाद इस चीज के मुरीद हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों
<p>गणतंत्र दिवस पर अतिथि के रूप में भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र नोदी के साथ जयपुर में हवा महल के पास एक दुकान पर कुल्हड़ चाय का आनंद लिया। इस दौरान कुछ ऐसा घटा कि वह भारत के एक चीज के मुरीद हो गए।</p>
भारत के गणतंत्र दिवस परेड के अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में हवा महल के पास एक दुकान पर कुल्हड़ चाय का आनंद लिया। पीएम मोदी ने अपने फोन पर न्च्प् का उपयोग करके चाय का भुगतान किया। इस घटना को देखते हुए मैक्रों हैरान रह गए।
बता दें कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने कई विदेशी नेताओं को हैरान किया है। अब इसमें एक और नेता का नाम जुड़ गया है। हैरान होने वाले सबसे नए नाम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का है। मैक्रों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनके लिए आयोजित आधिकारिक भोज में अपने भाषण में इसकी तारीफ की है।
राष्ट्रपति भवन में मैक्रों ने अपने भाषण में कहा ‘मैं वह चाय नहीं भूलूंगा जो हमने एक साथ पी थी। क्योंकि इसका भुगतान यूपीआई द्वारा किया गया था।’ बता दें कि मैक्रों और पीएम मोदी ने गुरुवार को जयपुर में हवा महल के पास एक दुकान पर कुल्हड़ की चाय पी। इसके बाद पीएम मोदी ने अपने फोन पर यूपीआई का उपयोग करके चाय का भुगतान किया। आश्चर्यचकित मैक्रों इसे देखते रह गए। उन्होंने देखा कि कैसे पीएम मोदी ने दिखाया कि दुकान के मालिक को उनके फोन पर भुगतान की पुष्टि भी मिल गई है।
मैक्रों ने और क्या-क्या कहा
मैक्रों ने शुक्रवार को यह भी उल्लेख किया कि वह ‘इतने महत्वपूर्ण दिन’ (भारत के गणतंत्र दिवस समारोह) का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं और कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि ‘ऐसा नहीं लगता कि हम अलग रह पाएंगे। हमारी बैठकों में नई खोज की ताजगी खोए बिना, दोस्तों के दोबारा मिलने की गर्माहट होती है। आप जुलाई में फ्रांस में थे और मैं आज यहां दिल्ली में हूं।’
फ्रांस ने भारत से यूपीआई अपनाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। जुलाई में फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान, मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस यूपीआई भुगतान तंत्र का उपयोग करने पर सहमत हुए हैं, जो प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से शुरू होगा और फ्रांस में भारतीय पर्यटक अब रुपये में भुगतान कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा ने यूरो और रुपे को स्वीकार करने के लिए फ्रांस के लायरा नेटवर्क के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
पिछले साल, जापानी डिजिटल मंत्री कोना तारो भारत में थे और उन्होंने अश्विनी वैष्णव जैसे कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने उन्हें भारत में यूपीआई के उपयोग की जानकारी लेने की सलाह दी थी। जापानी मंत्री दिल्ली के खान मार्केट में एक कॉफी शॉप में गए थे और यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए कि वहां हर कोई ऑनलाइन भुगतान करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर रहा था। जापान लौटने पर, मंत्री ने तुरंत यूपीआई को अपनाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया कि ’35-40 देश’ अब यूपीआई को अपनाने पर विचार कर रहे हैं और भारत इस मुद्दे पर उनके साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। जापान ने पिछले साल कहा था कि वह यूपीआई प्रणाली में शामिल होने पर विचार कर रहा है। यूपीआई भुगतान प्रणाली में रुचि दिखाने वाले अन्य देशों में भूटान, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, फ्रांस, यूके, रूस, ओमान, कतर, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, दक्षिण कोरिया और बहरीन शामिल हैं।
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