आज पीएम करेंगे डीजी-आईजी को संबोधित: डीजीपी रिपोर्ट पेश करेंगे, लंच में होगा वन टू वन संवाद

<p>जयपुर में चल रही 58वीं डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में आज नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए मोदी पहले आज हर राज्य के डीजीपी से मुलाकात करेंगे। फिर कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह, सभी एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहेंगे। इस दौरान डीजीपी कानून व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट पेश करेंगे। वहीं, लंच के दौरान पीएम का सभी अधिकारियों के साथ वन टू वन संवाद होगा।</p>

आज पीएम करेंगे डीजी-आईजी को संबोधित: डीजीपी रिपोर्ट पेश करेंगे, लंच में होगा वन टू वन संवाद
06-01-2024 - 01:50 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

मोदी राजभवन से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर पहुंचेंगे। यहां गृहमंत्री अमित शाह, अजीत डोभाल उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद मोदी को कॉन्फ्रेंस हॉल में लेकर जाएंगे। जहां पर मोदी एक-एक राज्य से डीजीपी से मुलाकात करेंगे।
14 विषयों पर दूसरे दिन होगी चर्चा
कॉन्फ्रेंस के आज दूसरे दिन सुरक्षा, देशद्रोह, सदन में हाल ही में पास हुए कानून, बॉर्डर सिक्योरिटी, सामरिक सूचना लीक होना, साइबर अटैक, सहित 14 अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम और गृहमंत्री के सामने हर राज्य के डीजीपी-आईजी राज्य की कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट रखेंगे। इसके बाद डीजीपी के द्वारा दी गई रिपोर्ट पर पीएम, गृहमंत्री में से कोई भी सवाल कर सकते हैं। डीजीपी को उनके सवालों का जवाब देना होगा।
लंच में होगा वन टू वन संवाद
दोपहर 1 बजे पीएम मोदी और अमित शाह सभी डीजी के साथ लंच करेंगे। एक घंटे के लंच के दौरान मोदी सभी से वन टू वन संवाद करेंगे। इस मीटिंग के दौरान मोदी और अमित शाह सभी अधिकारियों की टेबल तक जाएंगे। उनके साथ लंच शेयर करेंगे। जानकारी अनुसार, लंच के लिए ताज ग्रुप को ऑर्डर दिया गया हैं। वहीं, राजस्थानी भोजन पर ज्यादा फोकस किया गया हैं।
शाह बोले-2014 के बाद देश मे आतंकी-उग्रवादी हिंसा में कमी
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के लिए केंद्र-राज्यों के बीच बेहतरीन तालमेल से काम करने के साथ एआई के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा है। नए आपराधिक कानूनों के लिए थानेदारों से लेकर डीजीपी तक ट्रेनिंग देने पर जोर दिया है। शाह शुक्रवार को जयपुर में डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
देश अमृत काल में प्रवेश कर चुका है
शाह ने कहा कि देश अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। अमृत काल में कई नई शुरुआत हुई हैं। नई शिक्षा नीति का निर्माण करने के साथ ब्रिटिश युग के कानूनों की जगह तीन नए आपराधिक कानून बनाए हैं। नए कानून सजा की बजाय न्याय देने पर केंद्रित हैं। इन कानूनों के अमल में लाने से हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक हो जाएगी।
डीजीपी तक देना होगा ट्रेनिंग पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा-नए आपराधिक कानूनों को ग्राउंड पर सफलता से लागू करने के लिए थानेदार से लेकर डीजीपी तक ट्रेनिंग पर जोर देना होगा। थाने से पीएचक्यू स्तर तक टेक्निकल अपग्रेडेशन की जरूरत है। उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए डेटाबेस को जोड़ने और एआई आधारित एनालिसिस एप्रोच को अपनाने की जरूरत है। कई मामलों में एआई को अपनाकर सुरक्षा से जुड़े खतरों को कम किया जा सकता है।
2014 के बाद सुधरा देश का सुरक्षा ढांचा
अमित शाह ने कहा 2014 के बाद से देश के सुरक्षा ढांचे के माहौल में समग्र सुधार हुआ है। तीन महत्वपूर्ण हॉटस्पॉट यानी जम्मू और कश्मीर, उत्तर-पूर्व और वामपंथी उग्रवादी हिंसा में कमी आई है। शाह ने कहा-पिछले कुछ साल में यह सम्मेलन एक ‘थिंक टैंक’ के रूप में उभरा है, जो निर्णय लेने और नई सुरक्षा रणनीतियों को तैयार करने की सुविधा प्रदान करता है। देश भर में आतंकवाद विरोधी तंत्र के ढांचे को आकार और कौशल की एकरुपता लानी होगी। इससे आतंकवाद से निपटने में आसानी होगी।
एसपीजी ने 10 दिन से संभाल रखा मोर्चा
डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री के इतने लम्बे समय तक रहने के कारण एसपीजी ने पिछले 10 दिन से मोर्चा संभाला हुआ है। एसपीजी ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर को अपने कब्जे में ले लिया है। यहां आने और जाने के हर मार्ग पर पुलिस का बड़ा पहरा लगा हुआ हैं। एसपीजी ने सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी खुद ले रखी हैं। स्टेट पुलिस को इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
डीजीपी राजस्थान को मिला निमंत्रण
इस कॉन्फ्रेंस में तीन दिन होने वाले कार्यक्रम में डीजीपी राजस्थान को भी बुलाया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से यह निमंत्रण सभी राज्यों के डीजी को पास गया था। हर राज्य को एक या दो अधिकारी ब्रीफ करेंगे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।