व्हीलचेयर पर नाप डाले 110 देश, यह महिला ‘नामुमकिन’ जैसा शब्द जानती ही नहीं
<p><em><strong>जिंदगी में कठिनाइयों का आना लाजिमी है। कुछ लोग इनमें टूट जाते हैं तो कई इन्हीं में रास्ता बनाते हैं। ऐसे लोग दूसरों को भी राह दिखाते हैं। रेनी ब्रुंस उन्हीं में हैं। </strong></em></p>
रेनी ब्रुंस जिंदगी के हर लम्हे को जीती हैं। रेनी को जो करना है, बस कर गुजरती हैं। उनकी डिक्शनरी में ‘नामुमकिन’ शब्द नहीं है। 38 साल की यह निडर महिला 110 देशों और 15 टेरिटरी को नाप चुकी है। वह भी व्हीलचेयर पर। उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज होने की कतार में है। व्हीलचेयर पर एक साल में सबसे ज्यादा देश घूमने का रिकॉर्ड उनके नाम चढ़ने वाला है। लेकिन, रिकॉर्ड बनाने से ज्यादा उनकी चाहत है युवाओं को प्रेरित करना। यह संदेश देना कि वो अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ें।
जन्म से है स्केलेटल डिस्ऑर्डर
अमेरिका के अटलांटा शहर की निवासी ब्रुंस को जन्म से स्केलेटल डिस्ऑर्डर है। शुरू से वह व्हीलचेयर का इस्तेमाल करती रही हैं। वह हाल तक इंश्योरेंस इंडस्ट्री में फॉर्च्यून 500 एग्जीक्यूटिव की लिस्ट में थीं। अपनी कंपनी में रेनी ब्रुंस 250 लोगों की टीम का नेतृत्व कर रही थीं। जिस तरह कोरोना की महामारी ने लोगों की जिंदगी छीनी, उसने ब्रुंस को झकझोर कर रख दिया। उन्हें एहसास हुआ कि कितनी जल्दी हमारे हाथ से जिंदगी निकल सकती है। मई 2022 में उन्होंने नौकरी-चाकरी छोड़ झोला उठाया और विश्व भ्रमण के लिए निकल पड़ी। उसी महीने वह इंडोनेशिया पहुंचीं।
सफर में आईं चुनौतियां लेकिन शिकायत नहीं
इंडोनेशिया के बाद अगले सात महीनों में उन्होंने 41 और देशों का भ्रमण कर डाला। इसके पहले ही वह 68 देशों में घूम चुकी थीं। दुनिया के ज्यादातर देशों में उन्होंने अकेले ही सफर किया। इनमें से कई देशों में दिव्यांगों के लिए ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं थी। कई जगह दरवाजे भी बड़े नहीं थे जिनसे वह व्हीलचेयर के साथ अंदर प्रवेश कर सकें। हालांकि, यहां पर जो सबसे अच्छी बात उन्होंने महसूस की वह यह थी कि उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिला। इस सहयोग ने उनके सफर को आसान बनाया।
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