सिक्किम में सरकी चट्टानें, 7 सैलानियों की मौतः चीन बॉर्डर पर हादसा, सेना ने 22 पर्यटकों को बचाया, 11 गंभीर घायल
<p><em><strong>सिक्किम की राजधानी गंगटोक में मंगलवार को एवलाॅन्च हुआ। इसमें 7 टूरिस्ट की मौत हो गई। मरने वालों में चार पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। यह घटना सुबह 11.30 बजे गंगटोक को नाथु ला दर्रे से जोड़ने वाले जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर हुई। </strong></em></p>
सेना ने बयान जारी किया कि सिक्किम में हुए इस हिमस्खलन में बर्फ के नीचे पांच-छह वाहन फंस गए, जिनमें लगभग 30 लोग सवार थे। शाम चार बजे तक बर्फ से सात शव निकाले जा चुके थे और छह पर्यटकों सहित 23 लोगों को बचा लिया गया था। इनमें 11 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें गंगटोक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम में एवलाॅन्च में पर्यटकों की मौत पर शोक जताया।
14वें माइलस्टोन पर हुआ हादसा
हादसे वाले इलाके में 13वें माइलस्टोन तक जाने का पास जारी किया जाता है। इसके आगे जाने की परमिशन नहीं होती। बताया जा रहा है कि सैलानी जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर 14वें माइलस्टोन तक चले गए और यहीं हादसा हो गया।
चीन की सीमा पर मौजूद
नाथुला दर्रा चीन की सीमा पर स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षक जगह है। आर्मी के सूत्रों के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर 14वें पड़ाव पर हुए हिमस्खलन में 25-30 पर्यटक फंस गए थे। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करके 22 लोगों को बचा लिया है। इसमें छह पर्यटक गहरी घाटी से निकाले गए।
350 लोग बर्फबारी में फंसे
इस हादसे के कारण करीब 350 लोग और 80 गाड़ियां सड़क बाधित होने के कारण नाथू ला पर फंसे हुए थे। सड़क से बर्फ हटाने के बाद इन 350 लोगों और 80 वाहनों को भी वहां से निकाल लिया गया है। इस टूरिस्ट प्लेस पर एक पास जारी होता है। सैलानियों को 13 मील तक जाने की परमिशन रहती है, लेकिन लोग 15 मील तक चले गए।
एवलांच की भविष्यवाणी संभव नहीं
अब तक वैज्ञानिक ये भविष्यवाणी करने में सक्षम नहीं हैं कि हिमस्खलन कब और कहां होगा। वे बस बर्फ के ढेर, तापमान और हवा की कंडीशन से हिमस्खलन के खतरे का अनुमान लगा सकते हैं। बर्फ में स्कीइंग वाले कुछ इलाकों में एवलाॅन्च कंट्रोल टीमें तैनात होती हैं।
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