जयपुर में 9 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत: बुलीइंग का शिकार थी बच्ची, सामने आया व्हाट्सऐप ऑडियो
राजस्थान की राजधानी जयपुर में नौ साल की एक छात्रा द्वारा स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर जान देने का मामला अब गहराता जा रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची को लंबे समय से स्कूल में बुली किया जा रहा था और स्कूल प्रशासन ने शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं..
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नौ साल की एक छात्रा द्वारा स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर जान देने का मामला अब गहराता जा रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची को लंबे समय से स्कूल में बुली किया जा रहा था और स्कूल प्रशासन ने शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
“मुझे स्कूल नहीं जाना…” — बच्ची की अंतिम पुकार
मामले में एक व्हाट्सऐप ऑडियो सामने आया है, जो बच्ची की मां ने एक साल पहले रिकॉर्ड किया था। इसमें बच्ची रोते हुए कहती सुनाई देती है, “मुझे स्कूल नहीं जाना... प्लीज़ मत भेजो।”
मां ने बताया कि यह ऑडियो उन्होंने क्लास टीचर को भेजा था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
माता-पिता की शिकायतें अनसुनी रहीं
बच्ची की मां का कहना है कि उन्होंने बार-बार क्लास टीचर और कोऑर्डिनेटर से बात की, लेकिन हर बार या तो बात टाल दी गई या नजरअंदाज कर दिया गया।
पिता ने बताया कि बच्ची को सहपाठियों द्वारा “यौन अभिप्राय वाले शब्दों” में चिढ़ाया जाता था। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो टीचर ने कहा कि, “यह को-एड स्कूल है, आपकी बेटी को लड़कों से बात करना सीखना चाहिए।”
1 नवंबर को हुई त्रासदी
1 नवंबर को बच्ची ने स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को घटना से पहले दो बार अपनी टीचर के पास जाते देखा गया, लेकिन कैमरे में आवाज रिकॉर्ड नहीं हुई थी, इसलिए बातचीत की जानकारी नहीं मिल पाई।
सवालों के घेरे में स्कूल प्रशासन
बच्ची के चाचा साहिल ने कहा, “स्कूल में 5,000 से ज्यादा बच्चे हैं और छह मंजिला इमारत है। बिना सुरक्षा ग्रिल या नेट के इतनी ऊंची बिल्डिंग कैसे मंजूर हुई? सीसीटीवी में ऑडियो क्यों नहीं है जबकि CBSE गाइडलाइन के अनुसार होना चाहिए? स्कूल इतने बड़े नाम वाला है, भारी फीस लेता है, लेकिन जवाबदेही कहां है?”
पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच शुरू
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजर्षि राज वर्मा ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और अभिभावकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) रामनिवास शर्मा ने भी बताया कि विभाग अभिभावकों के बयान दर्ज करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बच्चों ने बताया कि मृत छात्रा “उस दिन स्कूल नहीं आना चाहती थी” और कुछ बच्चों ने “गलत शब्दों के इस्तेमाल” की शिकायत भी की थी।
स्कूल की चुप्पी पर बढ़ रहे सवाल
घटना के कई दिन बाद भी स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। परिजन और समाज के लोग अब न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
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