हिंसा के बाद राजस्थान के चोमू में ‘अवैध निर्माणों’ पर चला बुलडोजर
राजस्थान के जयपुर ज़िले के चोमू बस स्टैंड के पास हुई हिंसा के कुछ दिनों बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों से जुड़े बताए जा रहे अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहा दिया..
राजस्थान के जयपुर ज़िले के चोमू बस स्टैंड के पास हुई हिंसा के कुछ दिनों बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों से जुड़े बताए जा रहे अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहा दिया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक करीब छह घंटे चली। इस दौरान 20 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जबकि तीन इमारतों को सील किया गया। यह कार्रवाई इमाम चौक से पठान मोहल्ला के बीच की गई। पुलिस ने बताया कि प्रभावित परिसरों से एक एयर गन और कुछ धारदार हथियार भी बरामद किए गए हैं।
तोड़े गए ढांचों में आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियां शामिल थीं। पश्चिम जयपुर के डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि इससे पहले 23 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था।
डीसीपी मीणा ने कहा, “समयसीमा समाप्त होने के बाद इमारतों पर निशान लगाए गए और कार्रवाई शुरू की गई। कथित पत्थरबाजों और अवैध बूचड़खानों से जुड़े लोगों के घरों पर चस्पा किए गए नोटिस 31 दिसंबर को समाप्त हो गए थे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा, “आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।”
यह सख्त कार्रवाई 25 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद की गई है। यह हिंसा चोमू बस स्टैंड के पास एक मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर भड़क गई थी। इस दौरान पत्थरबाजों ने पुलिस पर हमला किया, जिसमें छह पुलिसकर्मियों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कस्बे में दो दिनों के लिए इंटरनेट बंद कर दिया था।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद राजस्थान के उपमुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा, “चोमू में अशांति फैलाने और शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भजनलाल सरकार द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “राजस्थान में शांति, सुरक्षा और सुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अशांति, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सरकार तत्काल और कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
इस पूरे विवाद के केंद्र में कालंदरी मस्जिद के बाहर की जमीन है, जो चोमू बस स्टैंड के पास एक प्रमुख चौराहे पर स्थित है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन, निवासी और व्यापारी कई दशकों से इस अतिक्रमण की शिकायत करते आ रहे हैं, क्योंकि इससे मुख्य सड़क संकरी हो गई है और इलाके में गंभीर यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है।
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