कश्मीर के बारामूला में झेलम नदी से मिली प्राचीन देवी दुर्गा की प्रतिमा, विस्तृत जांच और संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग को सौंपी गई
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में झेलम नदी से हिंदू देवी दुर्गा की एक प्राचीन प्रतिमा बरामद की गई है। इस प्रतिमा को श्रीनगर स्थित पुरातत्व विंग को सौंप दिया गया है, जहां इसका विस्तृत परीक्षण किया ..
श्रीनगर/बारामूला। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में झेलम नदी से हिंदू देवी दुर्गा की एक प्राचीन प्रतिमा बरामद की गई है। इस प्रतिमा को श्रीनगर स्थित पुरातत्व विंग को सौंप दिया गया है, जहां इसका विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि देवी दुर्गा की यह पत्थर की मूर्ति एक मछुआरे नजीर अहमद लाटू ने बरामद की। नजीर अहमद लाटू बारामूला के शालटंग-जोग्यार इलाके के निवासी हैं और वह झेलम नदी में मछली पकड़ रहे थे, उसी दौरान उन्हें यह प्रतिमा मिली।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया, “प्रतिमा की जानकारी तुरंत प्रशासन को दी गई और इसे सुरक्षित रूप से शेरी पुलिस स्टेशन में रखा गया। अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय, जम्मू-कश्मीर के निर्देशों और तय प्रक्रियाओं के अनुसार, इस प्रतिमा को औपचारिक रूप से पुरातत्व विंग, श्रीनगर को सौंप दिया गया है।”
अधिकारियों के अनुसार, अब इस पत्थर की प्रतिमा का विस्तृत अध्ययन, दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जाएगा। इससे कश्मीर घाटी की प्राचीन धार्मिक और कलात्मक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है। पुलिस ने कहा,
“इस तरह की खोजें न केवल कश्मीर के ऐतिहासिक आख्यान को समृद्ध करती हैं, बल्कि क्षेत्र की अमूल्य विरासत को संरक्षित करने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित करती हैं।”
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व की वस्तु मिले, तो वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2021 में श्रीनगर के पंद्रेथन इलाके में भी झेलम नदी से देवी दुर्गा की एक पत्थर की प्रतिमा मिली थी, जो आठवीं शताब्दी ईस्वी की बताई गई थी। काले पत्थर से बनी लगभग 1200 वर्ष पुरानी इस प्रतिमा को रेत मजदूरों ने बरामद किया था। इस मूर्ति में देवी दुर्गा को चार सहायकों के साथ सिंहासन पर विराजमान दिखाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, वह प्रतिमा फिलहाल जम्मू-कश्मीर अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की देखरेख में सुरक्षित रखी गई है।
What's Your Reaction?