बांग्लादेश हाईकोर्ट ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज की

Bangladesh के हाईकोर्ट ने रविवार को हिंदू संत Brahmachari Chinmoy Krishna Das की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि 2024 में एक वकील की हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी..

बांग्लादेश हाईकोर्ट ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका खारिज की
11-05-2026 - 09:46 AM

Bangladesh के हाईकोर्ट ने रविवार को हिंदू संत Brahmachari Chinmoy Krishna Das की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि 2024 में एक वकील की हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई निचली अदालत में जारी है  इसलिए उन्हें फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती।

गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

Brahmachari Chinmoy Krishna Das, Bangladesh Sammilita Sanatani Jagran Jote के प्रवक्ता हैं। उन्हें 25 नवंबर 2024 को Hazrat Shahjalal International Airport से “कथित” देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर Chattogram की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस फैसले के विरोध में अगले दिन ढाका समेत कई इलाकों में उनके समर्थकों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए।

ये प्रदर्शन बाद में चटग्राम में हिंसक हो गए, जिसमें कनिष्ठ सरकारी वकील Saiful Islam Alif की मौत हो गई।

वकील की हत्या मामले में आरोप तय

19 जनवरी को Chattogram Divisional Speedy Trial Tribunal ने पूर्व ISKCON नेता चिन्मय कृष्ण दास समेत 38 अन्य लोगों के खिलाफ वकील की हत्या मामले में आरोप तय किए थे। इसके साथ ही उनके खिलाफ मुकदमे की औपचारिक सुनवाई शुरू हो गई थी।

पहले भी मिल चुकी थी जमानत

इससे पहले पिछले वर्ष 30 अप्रैल को हाईकोर्ट ने देशद्रोह मामले में उन्हें जमानत दी थी। यह मामला बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के “कथित” अपमान से जुड़ा था। हालांकि बाद में Supreme Court of Bangladesh की अपीलीय पीठ ने उस जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।

राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद

पूरे 2024 के दौरान Sammilito Sanatan Jagaran Jote ने पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को हटाए जाने के बाद कई रैलियां आयोजित की थीं। इन प्रदर्शनों में हिंदू समुदाय पर “कथित” हमलों और व्यवस्थित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गई थी।

2022 के आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश की लगभग 17 करोड़ आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत है।

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पहले भी India और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव का कारण बन चुकी है। भारत ने पहले उनकी “कथित” स्थिति और लगातार हिरासत को लेकर गहरी चिंता जताई थी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।