1 मई से LPG नियमों में बड़ा बदलाव, OTP डिलीवरी अनिवार्य; कमर्शियल सिलेंडर महंगे
देश में रसोई गैस (LPG) वितरण व्यवस्था में 1 मई 2026 से व्यापक बदलाव लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने उपभोक्ता नियमों को सख्त करते हुए डिजिटल निगरानी बढ़ाई है, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बड़ी वृद्धि की..
नयी दिल्ली। देश में रसोई गैस (LPG) वितरण व्यवस्था में 1 मई 2026 से व्यापक बदलाव लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने उपभोक्ता नियमों को सख्त करते हुए डिजिटल निगरानी बढ़ाई है, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बड़ी वृद्धि की गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब Indane, Bharat Gas और HP Gas के उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी केवल ओटीपी (OTP) सत्यापन के बाद ही मिलेगी। इसके अलावा गैस बुकिंग के अंतराल को भी बढ़ा दिया गया है। शहरों में अब 21 दिन की बजाय 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक का इंतजार करना होगा।
डुअल कनेक्शन पर सख्ती
सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और LPG दोनों कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई तेज कर दी है। नए नियमों के अनुसार, जिन घरों में PNG उपलब्ध है, उन्हें LPG सब्सिडी छोड़नी होगी और ऐसे उपभोक्ताओं को नए सिलेंडर या मुफ्त रिफिल नहीं मिलेंगे। तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे कनेक्शनों की पहचान कर आपूर्ति रोकें। अब तक 43 हजार से अधिक उपभोक्ता अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में उछाल
कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमतों में ₹993 तक की वृद्धि की गई है, जबकि 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर ₹261 महंगा हुआ है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई बाधाओं के कारण यह वृद्धि हुई है। हालांकि घरेलू LPG की कीमतों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। आखिरी संशोधन 7 मार्च को ₹60 की वृद्धि के रूप में हुआ था।
आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य
सरकार ने Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के लाभार्थियों के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा नहीं है, उन्हें जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वैश्विक हालात का असर
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे आयातित ईंधन महंगा हुआ है। इसके बावजूद देश में LPG, PNG और CNG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
स्वच्छ ईंधन पर जोर
सरकार का फोकस अब पाइप्ड गैस (PNG) को बढ़ावा देने और सब्सिडी को लक्षित बनाने पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को गति मिलेगी।
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