बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, 24 घंटे में दूसरी घटना: रिपोर्ट

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की एक और गंभीर घटना सामने आई है। राजधानी ढाका के बाहरी इलाके नरसिंदी में सोमवार रात एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक एक किराना दुकानदार था। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इसी दिन बांग्लादेश में एक हिंदू पत्रकार की भी हत्या की खबर..

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, 24 घंटे में दूसरी घटना: रिपोर्ट
06-01-2026 - 11:03 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

ढाका/नरसिंदी। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की एक और गंभीर घटना सामने आई है। राजधानी ढाका के बाहरी इलाके नरसिंदी में सोमवार रात एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक एक किराना दुकानदार था। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इसी दिन बांग्लादेश में एक हिंदू पत्रकार की भी हत्या की खबर आई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि की हत्या नरसिंदी जिले में की गई। वीकली ब्लिट्ज  की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनकी हत्या सशस्त्र कट्टरपंथी धार्मिक उग्रवादियों ने की। शरत की मौत उसी दिन हुई, जिस दिन खुलना डिवीजन के जेसोर जिले में हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शरत चक्रवर्ती मणि नरसिंदी के पलाश उपजिला क्षेत्र के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराना दुकान पर रोज़ की तरह मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्थानीय निवासियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

शरत चक्रवर्ती मणि अपने पीछे पत्नी अंतरा मुखर्जी और 12 वर्षीय बेटे अभिक चक्रवर्ती को छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि वे कुछ वर्ष पहले दक्षिण कोरिया में काम करते थे और बाद में बांग्लादेश लौट आए थे।

वीकली ब्लिट्ज की रिपोर्ट के अनुसार, शरत चक्रवर्ती ने नरसिंदी के ब्रह्मांडी इलाके में एक घर बनाया था, जहां वे अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार के एक सदस्य के हवाले से कहा गया है कि शरत बेहद साधारण जीवन जीते थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता भी जाहिर की थी। 19 दिसंबर को फेसबुक पर बांग्ला भाषा में किए गए एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, मौत की घाटी में इतनी आग, इतनी हिंसा… मेरी मातृभूमि।”

पड़ोसियों ने भी शरत चक्रवर्ती मणि को बेहद शांत, मानवीय और सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्ति बताया। एक पड़ोसी ने कहा कि उनके कोई दुश्मन नहीं थे और उनकी हत्या का सिर्फ एक ही कारण हो सकता है कि“वह हिंदू थे।”

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने शरत की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने ब्लिट्ज से कहा, बांग्लादेश में एक हिंदू का खून सूखा भी नहीं था कि एक और हिंदू की हत्या कर दी गई।”
उनका इशारा पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की हत्या की ओर था, जिनकी मौत शरत की हत्या से कुछ ही घंटे पहले हुई थी।

बप्पादित्य बसु ने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो “कुछ वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।” उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार पर हिंदुओं की हत्याओं को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ऐसे देश में, जहां “राज्य की स्पष्ट योजना के तहत हिंदुओं का नरसंहार या जातीय सफाया किया जा रहा है”, वहां हिंदू होना ही मारे जाने का बड़ा कारण बन गया है।

बसु के अनुसार, कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों ने शरत से उनकी हत्या से दो दिन पहले बड़ी रकम की मांग की थी। उनसे कहा गया था कि अगर वे बांग्लादेश में रहना चाहते हैं तो उन्हें ‘जजिया’ देना होगा।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया जाएगा। बसु के मुताबिक, उग्रवादियों ने यह भी कहा था, चुपचाप पैसा दे दो। ज्यादा शोर मत मचाओ। तुम्हारा भारत या तुम्हारा नरेंद्र मोदी भी आ जाए, तब भी जजिया वसूली नहीं रुक पाएगी।”

बप्पादित्य बसु ने दावा किया कि इन्हीं कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने शरत चक्रवर्ती मणि की हत्या की है। हालांकि, अब तक पुलिस या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।