भगोड़े मेहुल चोकसी पर मुंबई की फ्लैट्स की ₹63 लाख मेंटेनेंस बकाया, बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद खुलासा
भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी, जो कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में ₹13,500 करोड़ के धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहा है, की बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद एक और खुलासा हुआ है..
मुंबई/ब्रसेल्स। भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी, जो कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में ₹13,500 करोड़ के धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहा है, की बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद एक और खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, चोकसी ने मुंबई के पॉश मलबार हिल्स इलाके के 'गोकुल अपार्टमेंट्स' में अपने फ्लैट्स का ₹63 लाख का मेंटेनेंस चार्ज पिछले 7 वर्षों से नहीं चुकाया है।
कहां हैं ये फ्लैट्स?
मेहुल चोकसी के पास गोकुल अपार्टमेंट्स की 9वीं, 10वीं और 11वीं मंजिल पर तीन यूनिट्स हैं। इसके अलावा उसने 11वीं मंज़िल पर स्थित छत (टेरेस) को भी उसने कथित रूप से अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
कितना बकाया है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोसाइटी के सदस्य ने बताया है कि “सात साल से मेंटेनेंस नहीं दिया गया। कुल ₹63 लाख का बकाया है, जो बिना ब्याज के है। सोसाइटी सदस्य ने बताया, 2020 में सोसाइटी में रिनोवेशन हुआ था, जिसमें हर यूनिट पर ₹30–35 लाख का खर्च आया। तीन यूनिट मिलाकर ₹95 लाख का कुल खर्च आया,”
बिल्डिंग को नुकसान का खतरा
सोसाइटी सदस्य के अनुसार फ्लैट्स की देखरेख न होने से उनमें बड़े पेड़ उग आए हैं, जिससे इमारत की संरचनात्मक मजबूती को खतरा है। फिलहाल ED द्वारा अटैच की गई इन संपत्तियों की स्थिति खराब होती जा रही है, जिससे सोसाइटी को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। सोसाइटी सदस् का कहना है कि "हमें भारत की न्याय प्रणाली और ED पर भरोसा है और उम्मीद है कि हमें बकाया राशि मिल जाएगी।"
बेल्जियम में गिरफ्तारी व प्रत्यर्पण प्रक्रिया
- 13 अप्रैल को बेल्जियम में गिरफ्तार हुए मेहुल चोकसी को लेकर भारत ने औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा है।
- भारत और बेल्जियम के बीच प्रत्यर्पण संधि भी मौजूद है।
- गिरफ्तारी के समय चोकसी स्विट्ज़रलैंड भागने की योजना बना रहा था, जिसमें उसने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया।
पीएनबी घोटाले की पृष्ठभूमि
- चोकसी ने 2018 में भारत छोड़ दिया था और अपने भांजे नीरव मोदी (जो स्वयं भी इस घोटाले में आरोपी हैं) के साथ फरार हो गया था।
- CBI और ED पिछले सात वर्षों से जांच में जुटे हैं।
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