बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण: शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भीषण प्रदर्शन, अख़बार दफ्तरों में तोड़फोड़
युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में गुरुवार देर रात से बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के दफ्तरों और कई अख़बारों के कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की, साथ ही सुरक्षाबलों से झड़पें हुईं। इन घटनाओं से देश में कानून-व्यवस्था के और बिगड़ने की आशंका गहरा..
ढाका। युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में गुरुवार देर रात से बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के दफ्तरों और कई अख़बारों के कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की, साथ ही सुरक्षाबलों से झड़पें हुईं। इन घटनाओं से देश में कानून-व्यवस्था के और बिगड़ने की आशंका गहरा गई है।
प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में शेख मुजीबुर रहमान के आवास और अवामी लीग के एक कार्यालय को आग के हवाले कर दिया।
वीडियो फुटेज में देखा गया कि प्रदर्शनकारियों ने देश के सबसे बड़े अख़बार डेली प्रोथोम आलो के कार्यालय में तोड़फोड़ की, साथ ही डेली स्टार के दफ्तर को भी निशाना बनाया गया। आग बुझाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदर्शन के दौरान भावनात्मक नारे लगाए गए, जिनमें हादी का नाम लेकर न्याय और जवाबदेही की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने उस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसमें अंततः हादी की जान चली गई, और संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी।
जुलाई आंदोलन (July Uprising) के प्रमुख चेहरों में शामिल शरीफ उस्मान हादी को पिछले हफ्ते गोली मारी गई थी। छह दिनों तक लाइफ सपोर्ट पर रहने के बाद गुरुवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।
हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। शुक्रवार को ढाका के बिजयनगर इलाके में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी।
प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने शरीफ उस्मान बिन हादी की मौत के बाद शनिवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
इस बीच, बुधवार को भी देश में ताजा भारत-विरोधी प्रदर्शन देखने को मिले। “जुलाई ओइक्य” (July Unity) के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारी ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। उन्होंने भारत-विरोधी नारे लगाए और जिसे उन्होंने “बांग्लादेश विरोधी साजिशें” बताया, उसके अंत की मांग की। साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी की भी मांग की।
कौन थे उस्मान हादी? बांग्लादेशी छात्र आंदोलन के नेता
बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख नेता उस्मान हादी का गुरुवार को निधन हो गया। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, शरीफ उस्मान हादी की हत्या के प्रयास में लगी चोटों के कारण मौत हुई।
हादी को 15 दिसंबर को आपात चिकित्सा उपचार के लिए बांग्लादेश से सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल (SGH) के न्यूरोसर्जिकल आईसीयू में एयरलिफ्ट किया गया था। उन्हें ढाका में सिर में गोली लगने के कुछ दिनों बाद सिंगापुर ले जाया गया था।
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “SGH और नेशनल न्यूरोसाइंस इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, श्री हादी ने 18 दिसंबर 2025 को अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया।”
फिलहाल, सिंगापुर प्रशासन ढाका में स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के साथ मिलकर हादी के पार्थिव शरीर को बांग्लादेश वापस भेजने की व्यवस्था कर रहा है।
ढाका में हत्या के प्रयास के बाद गंभीर हालत
12 दिसंबर को ढाका के पल्टन इलाके के कल्वर्ट रोड पर बैटरी से चलने वाले एक ऑटो-रिक्शा में यात्रा के दौरान अज्ञात हमलावरों ने हादी को गोली मार दी थी।
घटना के बाद उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, फिर एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एवरकेयर अस्पताल से शनिवार को बेहतर इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
#BREAKING: Gen-Z protesters have torched Sheikh Mujib’s house and a pro-India Awami League office in #Rajshahi, along with setting ablaze the office of a pro-#India news agency in #Dhaka. The situation remains highly volatile.#Bangladesh #BangladeshProtest pic.twitter.com/0kkRm5JXnV — Mansoor Ahmed Dhillon (@mansoor_dhillon) December 18, 2025
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