बीजेपी के साथ एक दशक बाद भी BDJS को कुछ हासिल नहीं हुआ: वेल्लापल्ली नटेशन
एसएनडीपी योगम (Sree Narayana Dharma Paripalana Yogam) के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन ने गुरुवार को हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में एनडीए की प्रमुख सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) के खराब प्रदर्शन पर निराशा..
अलप्पुझा (केरल)। एसएनडीपी योगम (Sree Narayana Dharma Paripalana Yogam) के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन ने गुरुवार को हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में एनडीए की प्रमुख सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) के खराब प्रदर्शन पर निराशा जताई।
उन्होंने बीजेपी के साथ पार्टी के लगभग 10 साल पुराने गठबंधन की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि BDJS के भीतर एक वर्ग केरल में माकपा (CPI-M) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के साथ जाने की संभावना पर चर्चा कर रहा है।
श्री नारायण धर्म परिपालन योगम राज्य के संख्यात्मक रूप से मजबूत हिंदू एझावा समुदाय का एक प्रमुख संगठन है। वेल्लापल्ली नटेशन के बेटे थुषार वेल्लापल्ली के नेतृत्व वाली भारत धर्म जन सेना (BDJS) केरल में एनडीए की एक अहम सहयोगी पार्टी है।
यहां एक प्रेस वार्ता में बेबाक अंदाज में बोलते हुए नटेशन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से बीजेपी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के बावजूद BDJS को राजनीतिक रूप से कोई ठोस लाभ नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि पार्टी जिन पंचायत/नगरपालिका वार्डों और नगर निगम डिवीजनों में चुनाव लड़ी, वहां वह उच्च जाति के वोट आकर्षित करने में नाकाम रही। नटेशन के मुताबिक, इस पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “वे 10 साल तक साथ-साथ चले। BDJS को वास्तव में क्या मिला? साथ चलते-चलते उनके पैर घिसने के अलावा उन्हें और क्या हासिल हुआ?”
तुलना करते हुए नटेशन ने कहा कि जो लोग वामपंथी दलों के साथ गठबंधन करते हैं, उन्हें अक्सर विधायक, सांसद या स्थानीय निकायों में पद मिल जाते हैं, जबकि बीजेपी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के बावजूद BDJS के पास दिखाने के लिए बहुत कम है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अब राजनीतिक दिशा बदलने का समय आ गया है, तो नटेशन ने कहा कि यह फैसला BDJS के नेताओं को ही करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं BDJS का सदस्य नहीं हूं। मैं एसएनडीपी का सदस्य हूं,”
और इस तरह पार्टी के भविष्य के रास्ते से खुद को अलग रखा।
उन्होंने यह भी बताया कि BDJS के भीतर अलग-अलग राय मौजूद हैं—कुछ सदस्य माकपा के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की ओर झुकाव चाहते हैं, जबकि कुछ अन्य एनडीए के साथ बने रहने के पक्ष में हैं।
फिलहाल, राज्य में एनडीए सहयोगी के रूप में चुनावों में खराब प्रदर्शन को लेकर BDJS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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