"‘मैं और मेरा’ के कारण डरते हो": अमेरिकी टैरिफ पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि हर कोई यह समझ ले कि हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं तो किसी को भी असुरक्षा का भाव नहीं रहेगा। नागपुर में एक ब्रह्माकुमारी कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने संकेत दिया कि भारत पर टैरिफ इसलिए लगाए गए क्योंकि कुछ लोग देश की तेज़ी से बढ़ती प्रगति से भयभीत
नागपुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि हर कोई यह समझ ले कि हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं तो किसी को भी असुरक्षा का भाव नहीं रहेगा। नागपुर में एक ब्रह्मकुमारी कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने संकेत दिया कि भारत पर टैरिफ इसलिए लगाए गए क्योंकि कुछ लोग देश की तेज़ी से बढ़ती प्रगति से भयभीत हैं।
बिना किसी देश का नाम लिए भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का ज़िक्र करते हुए कहा, "यदि हमारे भीतर वैमनस्य नहीं है तो हमारा कोई शत्रु नहीं है। पहले हम साँपों से डरते थे। फिर ज्ञान प्राप्त हुआ तो समझ आए कि सभी साँप ज़हरीले नहीं होते। तब हमने उन्हें छोड़ना शुरू किया। ज्ञान से भय और भेदभाव नष्ट हो जाते हैं। भारत आगे बढ़े तो क्या होगा? इसलिए टैरिफ लगाओ। क्यों? आप तो सात समंदर पार हैं। लेकिन ‘मैं और मेरा’ वाली सोच के कारण आप डरते हैं। दुनिया को आज समाधान चाहिए। उन्होंने अधूरी दृष्टि से समाधान खोजा, पर समाधान नहीं मिला।”
इससे पहले आरएसएस शताब्दी समारोह में भागवत ने कहा था कि व्यापार में देशों को एक-दूसरे पर दबाव नहीं डालना चाहिए और ‘स्वदेशी’ या मेड-इन-इंडिया वस्तुओं को बढ़ावा देने पर बल दिया था। उन्होंने कहा था, "अंतरराष्ट्रीय व्यापार चलता रहेगा, लेकिन यह दबावमुक्त और स्वेच्छा से होना चाहिए... हमें स्वदेशी के प्रयोग को बढ़ाना चाहिए। देश की व्यापार नीति स्वेच्छा पर आधारित होनी चाहिए, दबाव पर नहीं। आत्मनिर्भरता का मतलब आयात रोकना नहीं है। दुनिया परस्पर निर्भर है। इसलिए निर्यात-आयात जारी रहेंगे, पर इनमें दबाव नहीं होना चाहिए।"
भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद और समझौते की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25% टैरिफ लगाया और फिर रूस से तेल खरीदने के कारण “दंड” के रूप में अतिरिक्त 25% जोड़ा, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया।
इस कदम से भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव आया, लेकिन सुलह के संकेत भी दिखे हैं। ट्रंप ने इसी सप्ताह कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है और उन्हें सफल निष्कर्ष की उम्मीद है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा,"भारत और अमेरिका हमारे बीच मौजूद व्यापार अवरोधों को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। मैं अपने बहुत अच्छे मित्र प्रधानमंत्री मोदी से आने वाले हफ्तों में बातचीत की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए सकारात्मक नतीजे पर पहुँचना कठिन नहीं होगा।"
इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (X) पर लिखा,"भारत और अमेरिका करीबी मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएं भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को खोलने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें जल्द से जल्द चर्चा पूरी करने पर काम कर रही हैं... मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। हम मिलकर दोनों देशों के लिए उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेंगे।"
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