कौन हैं सांसद प्रताप सिम्हा ! जिनके पास पर संसद में स्प्रे लेकर घुसा संदिग्ध सागर
<p><em><strong>भाजपा सांसद के पास पर ही आरोपी सागर संसद में घुसा था। </strong></em></p>
प्रताप सिम्हा कर्नाटक के मैसूर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। वह लगातार 2 बार से सांसद हैं और कर्नाटक में भाजपा के युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले प्रताप सिम्हा पत्रकार भी रह चुके हैं। 1999 में प्रताप सिम्हा कन्नड़ न्यूजपेपर विजया कर्नाटका के साथ ट्रेनी के तौर पर पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह लगातार अलग-अलग अखबारों के लिए लिखते रहे।
प्रताप सिम्हा का जन्म कर्नाटक के हिल स्टेशनों में से एक सकलेशपुर में हुआ था। साल 2008 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक जीवनी लिखी, जिसका शीर्षक था, ‘नरेंद्र मोदी: यारू थुलियादा हादी’। साल 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा था और विजयी हुए थे। इसके बाद फिर वह मैसूर से 2019 का चुनाव लड़े और जीत हासिल करने में सफल रहे थे।
संसद में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और धुआं फैला दिया, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। विजिटर गैलरी से संसद में घुसपैठ की वजह से सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गई। हालांकि, सुरक्षाबलों ने दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। इन दोनों की पहचान सागर और मनोरंजन के रूप में हुई है। आरोपी सागर शर्मा के पास से जो विजिटर पास मिला है, उससे पता चलता है कि भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के यहां से उसका पास बना है। सूत्रों का दावा है कि आरोपी सागर मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के नाम से जारी विजिटर पास के जरिए ही वह संसद भवन में दाखिल हुआ था।
कौन हैं प्रताप सिम्हा
प्रताप सिम्हा कर्नाटक के मैसूर से भारतीय जनता पार्टी के सासंद हैं। वह लगातार 2 बार से सांसद हैं और कर्नाटक में भाजपा के युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले प्रताप सिम्हा पत्रकार भी रह चुके हैं। 1999 में प्रताप सिम्हा कन्नड़ न्यूजपेपर विजया कर्नाटका के साथ ट्रेनी के तौर पर पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह लगातार अलग-अलग अखबारों के लिए लिखते रहे। प्रताप सिम्हा का जन्म कर्नाटक के हिल स्टेशनों में से एक सकलेशपुर में हुआ था। साल 2008 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक जीवनी लिखी, जिसका शीर्षक था ‘नरेंद्र मोदी: यारू थुलियादा हादी’। साल 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा था और विजयी हुए थे। इसके बाद फिर वह मैसूर से 2019 का चुनाव लड़े और जीत हासिल करने में सफल रहे थे।
क्या हुआ आज
दरअसल, संसद भवन पर हमले की 22वीं बरसी यानी 13 दिसंबर के मौके पर लोकसभा की कार्यवाही चल रही थी, तभी सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था। दावा किया गया कि इन दोनों ने स्प्रे भी किया है। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने उसे घेर लिया। बाद में दोनों को पकड़ लिया गया। पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है।
लोकसभा स्पीकर ने क्या कहा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है तथा इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था, वह साधारण था और इसको लेकर चिंता कोई बात नहीं है। बिरला ने यह भी कहा कि सदन में कूदने वाले दोनों लोगों को पकड़ कर उनके पास से सारी सामग्री जब्त कर ली गई है, तथा संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे दो लोगों को भी पकड़ा गया है। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर बिरला ने कहा, ‘जो घटना शून्यकाल के दौरान हुई थी उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘आरंभिक जांच से पता चला कि वह साधारण धुंआ था। चिंता का विषय नहीं है।’
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