बंगाल एग्जिट पोल से सीमा पार चिंता, बांग्लादेश सांसद ने जताया ‘प्रवासी संकट’ का डर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक हलचल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। अधिकांश एग्जिट पोल में Bharatiya Janata Party (भाजपा) को बढ़त मिलने के संकेत के बीच बांग्लादेश के एक सांसद ने संभावित “प्रवासी संकट” को लेकर चिंता व्यक्त
कोलकाता/ढाका। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक हलचल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। अधिकांश एग्जिट पोल में Bharatiya Janata Party (भाजपा) को बढ़त मिलने के संकेत के बीच बांग्लादेश के एक सांसद ने संभावित “प्रवासी संकट” को लेकर चिंता व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में बांग्लादेश की संसद में नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता Akhtar Hossain ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो बड़ी संख्या में कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा सकता है। इससे बांग्लादेश में शरणार्थियों जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
हुसैन ने कहा, “यदि भाजपा सरकार बनती है, तो बांग्लादेशियों को वापस भेजा जा सकता है, जिससे हमारे सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।” उन्होंने यह भी आशंका जताई कि पड़ोसी देश से मुस्लिम प्रवासियों की वापसी तेज हो सकती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा का पलटवार
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बयान दर्शाता है कि भाजपा की सरकार बनने पर अवैध घुसपैठ पर रोक लगेगी। डुबे ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर लिखा कि तृणमूल कांग्रेस के “सहयोगी अब सामने आ रहे हैं।”
बंगलादेश के सांसद अख़्तर हुसैन ने आज बांग्लादेश के संसद में कहा कि भाजपा की पश्चिम बंगाल की जीत घुसपैठ को रोकेगी और बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाएगी,यह ख़तरनाक है । तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं pic.twitter.com/wt1ZZUK7Un — Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) April 30, 2026
एग्जिट पोल में कड़ी टक्कर
विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल में भाजपा और Trinamool Congress (टीएमसी) के बीच कड़े मुकाबले का अनुमान जताया गया है। कुछ सर्वेक्षणों में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है, जबकि अन्य में टीएमसी को आगे बताया गया है।
नतीजों पर टिकी नजर
राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हो चुका है। अब 4 मई को होने वाली मतगणना पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो राज्य की अगली सरकार की तस्वीर साफ करेगी।
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