‘मुझे लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाएं..’ हिमंत बिस्वा सरमा का अभिषेक मनु सिंघवी पर पलटवार

असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और कांग्रेस नेता Abhishek Manu Singhvi के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को सरमा ने सिंघवी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शालीनता का पाठ” पढ़ाने की जरूरत नहीं..

‘मुझे लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाएं..’  हिमंत बिस्वा सरमा का अभिषेक मनु सिंघवी पर पलटवार
02-05-2026 - 01:53 PM
02-05-2026 - 01:57 PM

गुवाहाटी/नयी दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और कांग्रेस नेता Abhishek Manu Singhvi के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को सरमा ने सिंघवी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शालीनता का पाठ” पढ़ाने की जरूरत नहीं है।

सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर सरमा ने कहा, शालीनता और वह (सिंघवी) एक ही कमरे में नहीं हो सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि मामला एक ऐसी महिला से जुड़ा है “जिसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है,” और आरोप लगाया कि उसके चरित्र पर “विदेशी जाली दस्तावेजों के आधार पर राष्ट्रीय टीवी पर हमला” किया गया।

सरमा ने विश्वास जताया कि अदालत इस मामले का संज्ञान लेगी और दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने इसे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की “साहसिक कोशिश” बताया।

सिंघवी की अपील और टिप्पणी
दरअसल, कांग्रेस नेता Pawan Khera को Supreme Court of India से अग्रिम जमानत मिलने के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रतिक्रिया दी थी।

सिंघवी ने कहा कि अदालत का यह फैसला इस सिद्धांत को मजबूत करता है कि गिरफ्तारी “पहला नहीं, बल्कि अंतिम उपाय” होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, मैं हाथ जोड़कर असम के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं… क्या वे अपने रुख पर पुनर्विचार नहीं करना चाहेंगे?”

सिंघवी ने यह भी कहा कि खेड़ा के खिलाफ अधिकतर आरोप जमानती हैं और लोकतांत्रिक असहमति की रक्षा जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश मौलिक अधिकारों को कमजोर करता है।

पृष्ठभूमि
यह विवाद उस समय सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री की पत्नी को लेकर कथित टिप्पणी के मामले में अग्रिम जमानत दी है। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ यह राहत प्रदान की।

राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर भाजपा नेता इसे व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और गरिमा का मामला बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।