बिहार: IAS अधिकारी संजीव हंस मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 11 करोड़ से अधिक नकद जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बिहार के IAS अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11.64 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई पटना में सात स्थानों पर गुरुवार को छापेमारी के दौरान की गई।

बिहार: IAS अधिकारी संजीव हंस मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 11 करोड़ से अधिक नकद जब्त
29-03-2025 - 09:08 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

बिहार: IAS अधिकारी संजीव हंस मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 11 करोड़ से अधिक नकद जब्त

पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने बिहार के IAS अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11.64 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई पटना में सात स्थानों पर गुरुवार को छापेमारी के दौरान की गई।

किन लोगों पर हुई कार्रवाई?

ED ने बिहार में कई अधिकारियों के परिसरों की तलाशी ली, जिनमें शामिल हैं:

  1. तारिणी दासबिहार निर्माण विभाग (BCD) के मुख्य अभियंता
  2. मुमुक्षु चौधरीबिहार सरकार के वित्त विभाग में संयुक्त सचिव
  3. उमेश कुमार सिंहशहरी विकास एवं आवास विभाग (UDHD) के कार्यकारी अभियंता
  4. अयाज अहमदबिहार शहरी अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) के उप परियोजना निदेशक
  5. सागर जायसवालबिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट्स)
  6. विकास झा – BMSICL के डीजीएम
  7. साकेत कुमारबिहार निर्माण विभाग (BCD) के कार्यकारी अभियंता

क्या हैं आरोप?

ED का आरोप है कि ये अधिकारी बिहार में विभिन्न सरकारी टेंडरों में अनियमितता करने और ठेकेदारों के बिलों को पास करने के लिए रिश्वत लेने में शामिल थे। इसमें पटना के एक ठेकेदार 'ऋषु श्री' से जुड़े भुगतान का भी जिक्र किया गया है।

क्या मिला छापेमारी में?

ED ने तलाशी के दौरान  ₹11.64 करोड़ नकद जब्त किए और कई संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा रिश्वत बांटने से जुड़े दस्तावेज मिले और अन्य डिजिटल सबूत और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

हालांकि, एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी राशि और दस्तावेज किस अधिकारी के घर से मिले हैं।

संजीव हंस के खिलाफ मामला

IAS संजीव हंस (1997 बैच) के खिलाफ बिहार पुलिस की विशेष सतर्कता इकाई (SVU) द्वारा दर्ज FIR के आधार पर यह मामला बना है। ED का आरोप है कि 2018-2023 के बीच बिहार सरकार और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित की

अधिकारियों की प्रतिक्रिया?

फिलहाल, इस मामले में किसी भी आरोपी अधिकारी या उनके वकीलों का बयान नहीं आया है

यह छापेमारी बिहार में सरकारी भ्रष्टाचार पर बढ़ती ED की जांच का हिस्सा है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।