'म्यूजियम के लायक' लड़ाकू विमान: राजस्थान में जगुआर विमान हादसे में दो IAF पायलटों की मौत

राजस्थान के चूरू जिले के भानोदा गांव के पास बुधवार को एक नियमित उड़ान पर गया दो सीटों वाला जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश हो गया, जिसमें भारतीय वायुसेना (IAF) के दो पायलटों की मौत..

'म्यूजियम के लायक' लड़ाकू विमान: राजस्थान में जगुआर विमान हादसे में दो IAF पायलटों की मौत
10-07-2025 - 01:31 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के भानोदा गांव के पास बुधवार को एक नियमित उड़ान पर गया दो सीटों वाला जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश हो गया, जिसमें भारतीय वायुसेना (IAF) के दो पायलटों की मौत हो गई। यह पिछले चार महीनों में जगुआर विमान का तीसरा हादसा है।

ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा विकसित सुपरसोनिक जगुआर लड़ाकू विमान को 1979 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और माना जा रहा है कि अब यह अपनी सेवा-सीमा (expiry) से आगे बढ़ चुका है। IAF दुनिया की इकलौती बड़ी वायुसेना है जो अभी भी इस निम्न-उड़ान करने वाले फाइटर बॉम्बर का इस्तेमाल कर रही है, जबकि अन्य देश इसे कब का रिटायर कर म्यूजियम में रख चुके हैं।

IAF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “एक जगुआर ट्रेनर विमान आज एक नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और राजस्थान के चूरू जिले के पास क्रैश हुआ। हादसे में दोनों पायलटों की जान चली गई। किसी भी नागरिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है।”

सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना दोपहर करीब 1:25 बजे भानुड़ा गांव के खेतों में हुई। विमान का मलबा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला। राजस्थान पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों पायलटों के शवों के अंग दुर्घटनास्थल के पास बिखरे मिले।”

गांववालों ने एक तेज धमाके की आवाज सुनी, इसके बाद खेतों से धुंआ और आग की लपटें उठती देखीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

IAF ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया गया है। बयान में कहा गया, “IAF इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पायलटों के प्रति गहरा शोक प्रकट करती है और उनके परिजनों के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ी है।”

इससे पहले मार्च में हरियाणा के अंबाला में एक जगुआर विमान तकनीकी खराबी के कारण नियमित प्रशिक्षण के दौरान क्रैश हो गया था। पायलट ने विमान को आबादी से दूर ले जाकर खुद को सुरक्षित इजेक्ट कर लिया था।

इसके एक महीने बाद गुजरात के जामनगर के पास एक दो सीटों वाला जगुआर ट्रेनर विमान क्रैश हो गया था, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई थी।

जगुआर एक दो इंजन वाला फाइटर बॉम्बर है, जिसके एक और दो सीटों वाले वेरिएंट हैं। इसे 1970 के दशक के अंत में IAF में शामिल किया गया था और तब से इसमें कई बार तकनीकी उन्नयन किए जा चुके हैं। वर्तमान में IAF के पास लगभग 110-120 जगुआर विमान ऑपरेशनल माने जाते हैं।

IAF के लिए यह एक मुख्य फाइटर जेट है, जिसे विशेष रूप से ज़मीन पर हमले (ground attack) के लिए इस्तेमाल किया जाता है। IAF ने इन्हें 2031 तक धीरे-धीरे हटाने और इनके स्थान पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित तेजस Mk1A को शामिल करने की योजना बनाई है।

IAF के एक अधिकारी ने बताया, “जगुआर गहरे भीतर हमला करने वाले (deep penetration strike) लड़ाकू विमान हैं और वर्तमान में सभी को आधुनिक रडार सिस्टम और इंजनों से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि इनकी सेवा अवधि बढ़ाई जा सके।”

हालांकि, रक्षा विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त अधिकारी पहले ही इन पुराने और अप्रचलित विमानों को उड़ाने से होने वाले जोखिमों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि बीते हादसों में अधिकतर मामलों में इंजन फेल होने को कारण बताया गया है।

ब्रिटेन, फ्रांस, इक्वाडोर और ओमान जैसे कई देश, जिन्होंने कभी जगुआर का उपयोग किया था, अब इन्हें सेवा से हटा चुके हैं और इनके कुछ विमान अब उनके म्यूजियम में प्रदर्शन पर रखे गए हैं।

गौरतलब है कि IAF के लगभग 65 से 70 प्रतिशत फाइटर विमान रूसी मूल के हैं, जिनमें से अधिकांश या तो अपग्रेड की जरूरत में हैं या रिटायरमेंट के करीब हैं। विदेशी विमानों का इस्तेमाल करने का मतलब है – कलपुर्जों के लिए उन देशों पर निर्भर रहना।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।