बहुत तेज भाग कर काली तिजोरी में जमा हो रही थी गुलाबी मुद्रा, सर्जिकल स्ट्राइक से आएगी बाहर.. अब होंगे ये लाभ..!
<p><em>पिछले करीब एक वर्ष से ऑटोमेटेड टेलर मशीन यानी एटीएम से 2000 के नोट बाहर ही नहीं आ रहे थे। आमजन को एटीएम मशीनों से 100, 200 और 500 के ही नोट मिल रहे थे और 2000 के नोट के तो दर्शन ही दुर्लभ हो गये थे। लोग चर्चा करने लगे थे कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद ये नोट प्रचलन में यह कह कर लाये गये थे कि इससे बाजार में धड़ल्ले से प्रचलित नकली नोटों की मुद्रा का सफाया होगा और काली कमाई भी बाहर आ जाएगी। लेकिन, जब ये नोट बाजार में मिलने कम हो गये तो कहा जाने लगा कि नोटबंदी का कोई लाभ नहीं मिला बल्कि 2000 के नोट तो काली कमाई को जमा करने का अपेक्षाकृत सरल जरिया बन गये हैं।</em></p>
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने शुक्रवार, 20 मई को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये स्पष्ट किया कि वह 2 हजार रुपये के नोटों प्रचलन से बाहर कर रहा है। ये लीगल टेंडर बने रहेंगे और जिनके पास 2000 रुपये के नोट हैं वे 23 मई से 30 सितंबर के मध्य इन नोटों को बैंकों में जाकर जमा करा सकेंगे या फिर बदलवा सकते हैं। आरबीआई की ओर से की गयी इस सर्जिकल स्ट्राइक के क्या लाभ होंगे, इसे समझने की कोशिश करते हैं।
लगेगी कालेधन पर लगाम
विशेषज्ञों का कहना है कि का कहना है कि 2 हजार का नोट बंद करने से काले धन पर रोक लगेगी। बड़ी मात्रा में लोग इस नोट की कमाई जमा कर रहे थे जब 2000 रुपये का नोट जब प्रचलन से बाहर हो जाएगा तो काली के रूप में लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इससे काले धन पर बहुत हद तक रोक लग सकेगी।
काली कमाई का बड़ी हिस्सा बाहर आएगा
भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस फैसले से 2000 रुपये के नोटों में सर्कुलेट हो रही 3.6 लाख करोड़ रुपये की करेंसी का बड़ा हिस्सा बाहर निकालने में मदद मिलेगी। उन्होंने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, 'हमने ज्यादातर छापेमारी के दौरान यह देखा कि लोगों ने 2000 रुपये के नोटों में बड़ी मात्रा में काला धन छुपा रखा था। अब 2000 का नोट लेनदेन में काफी कम उपयोग में आता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कालाधन जमा करने में ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि 80-20 का नियम बताता है कि 2000 का नोट रखने वाले 80 फीसदी लोगों के पास इस कुल सर्कुलेशन का सिर्फ 20 फीसदी ही है। वहीं, 20 फीसदी लोग जो कालाधन जमा करते हैं, उनके पास 80 फीसदी रकम यानी 3 लाख करोड़ रुपये है।
बाजार में मुद्रा का प्रवाह बढ़ेगा
भारत सरकार कुछ वर्षों में काले धन पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाती रही है। इन्ही कदमों में शामिल थी कि वर्ष 2026 की नोटबंदी और अब 2000 के नोट को प्रचलन से बाहर करना। चूंकि अनुमान है कि इन नोटों के जरिये बड़ी मात्रा में काली कमाई को छुपाया जा रहा ऐसे में लोग अब अपने घरों में बड़ी मात्रा में नकदी रखने से हिचकिचाएंगे। इससे न केवल कालेधन पर लगाम लगेगी वरन् लोग अपने इस धन का बाजार में जल्द से जल्द प्रवाह बढ़ेगा।
ऑनलाइन भुगतान की ओर बढ़ेगा झुकाव
सबसे बड़ा लाभ ऑन लाइन पेमेंट प्रणाली को होने वाला है। वर्ष 2016 में भी नोटबंदी के दौरान नकदी की समस्या के कारण ऑनलाइन भुगताम में बढ़ोतरी हुई थी, इस बार भी ऐसा ही होने की उम्मीद है। इसका कारण है कि जो लोग पहले बड़ा भुगतान 2000 के नोटों के जरिये किया करते थे, अब उनका झुकाव ऑनलाइन पेमेंट की ओर अधिक होगा। इस तरह इस बात का संभावना बहुत अधिक है कि अब 2000 के नोट सर्कुलेशन से बाहर होने पर ऑनलाइन पेमेंट में बढ़ोतरी होगी।
सरकार को मिलेगा ज्यादा आयकर
दो हजार रुपये के गुलाबी नोट को बंद करने का सबसे बड़ा लाभ सरकार को बढ़े हुए आयकर के रूप में मिल सकता है। लोग इस समय टैक्स देनदारी से बचने के लिए नकदी में भुगतान करते हैं और उन्हें 2,000 के नोटों से बड़े पेमेंट नकदी में करने में आसानी हो रही थी। अब यदि कम 200, 100 और 500 के नोटों में बड़ा पेमेंट करना होगा तो उन्हें निस्संदेह कठिनाई होगी और ऐसे में ये लोग ऑनलाइन पेमेंट का रास्ता अपना सकते हैं। इससे भुगतान रिकॉर्ड में रहेगा और टैक्स देनदारी से लोग नहीं बच सकेंगे।
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