'करोड़ों अब्दुल रऊफ होंगे': पूर्व पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी के जनाज़े की तस्वीर को किया नजरअंदाज, पत्रकार ने लाइव फैक्ट-चेक किया..

पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार को हाल ही में अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू के दौरान उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों की नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ाने वाले शख्स का बचाव..

'करोड़ों अब्दुल रऊफ होंगे': पूर्व पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी के जनाज़े की तस्वीर को किया नजरअंदाज, पत्रकार ने लाइव फैक्ट-चेक किया..
10-07-2025 - 01:39 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार को हाल ही में अल जज़ीरा  को दिए एक इंटरव्यू के दौरान उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों की नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ाने वाले शख्स का बचाव करने की कोशिश की।

यह शख्स हाफिज अब्दुल रऊफ के रूप में पहचाना गया है, जो कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का वरिष्ठ नेता है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी भी है। वायरल तस्वीर में वह पाकिस्तान में आतंकियों के जनाज़े की अगुवाई करते हुए दिखता है, जहां पुलिस और सेना की वर्दीधारी टुकड़ियों की मौजूदगी में उन आतंकियों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया।

हिना रब्बानी ने भारत के दावे को खारिज करते हुए कहा, “मैं पूरे अधिकार और प्रमाण के साथ कह रही हूं, जिसे पूरी दुनिया के साथ साझा किया गया है, कि यह वह व्यक्ति नहीं है जिसे आप (भारत) बता रहे हैं। पाकिस्तान में करोड़ों अब्दुल रऊफ हैं।”

लेकिन जब इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार ने तर्कों के साथ तथ्यों को सामने रखा, तो खार की सफाई लड़खड़ा गई। पत्रकार ने बताया कि उस शख्स का राष्ट्रीय पहचान संख्या (ID नंबर) अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की प्रतिबंध सूची से मेल खाती है।

पत्रकार ने कहा, “उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति एक राजनीतिक दल का सदस्य है और उसका राष्ट्रीय पहचान पत्र सार्वजनिक किया। वही ID नंबर अमेरिकी प्रतिबंधित आतंकियों की सूची (US SDGT List) में हाफिज अब्दुल रऊफ के नाम से दर्ज है। यानी अमेरिका की नज़र में, यह व्यक्ति एक आतंकवादी है।”

इस पर दबाव में आईं हिना खार ने जवाब दिया, “पाकिस्तानी सेना इस व्यक्ति का बचाव कर रही है। लेकिन वह उस व्यक्ति का बचाव नहीं कर रही जिसे अमेरिका ने प्रतिबंधित किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “ISPR (पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा) ने साफ कहा है कि यह वही व्यक्ति नहीं है। और आपने खुद अभी कहा कि ISPR ने उसका बचाव किया, यह नहीं कहा कि यह अलग व्यक्ति है।”

गौरतलब है कि हाफिज अब्दुल रऊफ, 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है और LeT में वरिष्ठ पद पर है। DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ़ द्वारा जारी दस्तावेज़ में भी उसी व्यक्ति की ID नंबर दिखाई गई, जो अमेरिका की प्रतिबंध सूची में दर्ज है।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य अड्डा मुरिदके भी शामिल था, जिसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया।

एक और चौंकाने वाला खुलासा यह था कि उसी अमेरिकी प्रतिबंध सूची में DG ISPR जनरल शरीफ के पिता – महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन का नाम भी शामिल है, जिनका संबंध अल-कायदा से बताया गया है। इससे पाकिस्तानी सेना की चरमपंथियों को संरक्षण देने की भूमिका पर और भी गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।