आईपीएस अधिकारी ने राष्ट्रपति पदक लौटाया, 360 डिग्री रिव्यू पर उठाए सवाल, RSS से जोड़ने के कथित प्रयास का भी किया जिक्र
बिहार कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना ने राष्ट्रपति पुलिस पदक लौटाते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई 360 डिग्री समीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के तहत उन्हें बार-बार एडिशनल डायरेक्टर (ADG) के पद पर इंपैनलमेंट से वंचित रखा..
नयी दिल्ली। बिहार कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना ने राष्ट्रपति पुलिस पदक लौटाते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई 360 डिग्री समीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के तहत उन्हें बार-बार एडिशनल डायरेक्टर (ADG) के पद पर इंपैनलमेंट से वंचित रखा गया और यह प्रक्रिया पूरी तरह "गोपनीयता के आवरण में छिपी हुई" है।
डॉ. सक्सेना, 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल (SSB) में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर कहा कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ एक "दुष्प्रचार अभियान" चलाया गया, जिसमें उन्हें "RSS से गहरा जुड़ा हुआ" बताने की कोशिश की गई।
क्या हैं आरोप?
- सक्सेना ने एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी का नाम लिया है जो 2022 में BPR&D के महानिदेशक थे जब वे वहां पोस्टेड थे। उन्होंने कहा कि इस अधिकारी ने अपने मूल्यांकन (Appraisal) में बिना आधार के आरोप लगाए कि सक्सेना का "RSS से गहरा नाता है"।
- उन्होंने लिखा कि 360 डिग्री इंपैनलमेंट प्रक्रिया में सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी फीडबैक देते हैं, और इस प्रक्रिया में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में सीनियर अधिकारी ही निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
- सक्सेना के अनुसार, यह दुर्भावनापूर्ण नैरेटिव बाद के DGs द्वारा भी आगे बढ़ाया गया, जिनका कहना था कि वे एक "अड़ियल और असहयोगी अधिकारी हैं जो अपने सीनियरों को गुमराह करते हैं और अधीनस्थों को डराते हैं"।
RSS से जुड़ाव के आरोप पर जवाब
सक्सेना ने लिखा कि उनकी व्यक्तिगत आस्थाएं कभी भी उनकी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों में हस्तक्षेप नहीं करतीं, लेकिन एक DG ने जब उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को जाना तो "नापसंदगी के कारण" उन्हें BPR&D से हटाने का प्रस्ताव दिया। हालांकि गृह मंत्रालय ने 14 दिसंबर 2018 के आदेश में उस प्रस्ताव को खारिज करते हुए उन्हें SSB में स्थानांतरित कर दिया।
राष्ट्रपति पदक लौटाने का कारण
गणतंत्र दिवस 2024 पर जब उनके नाम की घोषणा राष्ट्रपति के प्रतिष्ठित सेवा पदक (PSM) के लिए हुई, तो उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें इंपैनल किया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने पत्र में लिखा:
उन्होंने लिखा, “मुझे 360 डिग्री प्रक्रिया (MSF) के आधार पर बार-बार इंपैनलमेंट से वंचित किया गया, लेकिन इसके कारणों की जानकारी कभी नहीं दी गई। पिछले दो वर्षों से यह स्थिति मुझे गहराई से हतोत्साहित कर रही है।”
राष्ट्रपति को लिखी अंतिम पंक्तियां..
डॉ. परेश सक्सेना ने लिखा कि "मुझे मजबूरी में माननीय राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया विशिष्ट सेवा पदक (PSM) लौटाना पड़ रहा है, क्योंकि इंपैनलमेंट में मेरे साथ जो हुआ वह न केवल अनुचित है बल्कि उस पदक की भावना के विपरीत भी है।" संपर्क करने पर डॉ. परेश सक्सेना ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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