भारत ने पृथ्वी-2 और अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण किया, लद्दाख में 'आकाश प्राइम' ने ऊंचाई पर उड़ते लक्ष्यों को मार गिराया

भारत ने गुरुवार को अपनी दो प्रमुख कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों — पृथ्वी-2 और अग्नि-1 — का ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के तहत..

भारत ने पृथ्वी-2 और अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइलों का सफल परीक्षण किया, लद्दाख में 'आकाश प्राइम' ने ऊंचाई पर उड़ते लक्ष्यों को मार गिराया
18-07-2025 - 01:40 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारत ने गुरुवार को अपनी दो प्रमुख कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों — पृथ्वी-2 और अग्नि-1  का ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के तहत किए गए और सभी तकनीकी और परिचालन मानकों को सफलतापूर्वक परखा गया। इससे भारत की कम दूरी की स्ट्राइक क्षमता और मजबूत हुई है।

इससे महज दो दिन पहले, 16 जुलाई को, भारतीय सेना ने लद्दाख में उच्च ऊंचाई पर उड़ रहे दो तेज गति वाले हवाई लक्ष्यों को आकाश प्राइम मिसाइल से नष्ट कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। यह प्रणाली आकाश वेपन सिस्टम का उन्नत संस्करण है और यह परीक्षण भारत के उच्च ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्रों के लिए स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ।

आकाश प्राइम को विशेष रूप से 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर लगाया गया है, जिससे सटीकता और लक्ष्य पर प्रहार की क्षमता और बढ़ी है। फील्ड यूनिट्स से मिले फीडबैक के आधार पर सिस्टम में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

लद्दाख में हुए सफल ट्रायल्स 'फर्स्ट ऑफ प्रोडक्शन मॉडल फायरिंग' का हिस्सा थे, जिसमें भारतीय थलसेना की वायु रक्षा यूनिट, DRDO, भारत डायनामिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और अन्य रक्षा उद्योग साझेदार शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि इन सफल परीक्षणों से इस हथियार प्रणाली को जल्द ही सेना में शामिल किए जाने की प्रक्रिया तेज होगी, और भारत की उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वायु रक्षा क्षमता को काफी मजबूती मिलेगी। यह सफलता ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दिखाए गए बेहतरीन प्रदर्शन के बाद हासिल हुई है, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को भारत की पहाड़ी युद्ध तैयारियों के लिए एक "बड़ा बढ़ावा" बताया है। DRDO प्रमुख समीर वी. कामत ने भी इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी और कहा कि यह प्रणाली अब भारत की ऊंचाई वाले इलाकों में रक्षा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।