‘भारतीय सुरक्षित हैं, चिंता न करें’: होर्मुज संकट के बीच ईरान का भरोसा, वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध संकट के बीच ईरान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। Embassy of Iran in India ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर कहा, “हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं..

‘भारतीय सुरक्षित हैं, चिंता न करें’: होर्मुज संकट के बीच ईरान का भरोसा, वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
04-04-2026 - 10:34 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली/तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध संकट के बीच ईरान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। Embassy of Iran in India ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर कहा, “हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि Iran और Oman ही इस जलडमरूमध्य के भविष्य का फैसला करेंगे।

भारत को विशेष अनुमति, ऊर्जा संबंधों में बढ़ोतरी

मौजूदा संघर्ष के बीच भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिन्हें Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति मिली हुई है। इसी बीच भारत और ईरान के बीच ऊर्जा सहयोग भी फिर से बढ़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने 2018 के बाद पहली बार ईरान से एलपीजी की खेप खरीदी है।

गौरतलब है कि 2019 में पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारत ने ईरान से तेल आयात बंद कर दिया था।

वैश्विक तेल आपूर्ति की ‘लाइफलाइन’ है होर्मुज

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% गुजरता है।

अमेरिका और इज़राइल द्वारा फरवरी के अंत में किए गए हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पर वोटिंग आज

United Nations Security Council इस मुद्दे पर बहरीन द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर मतदान करने जा रही है। इस प्रस्ताव में जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए “जरूरी सभी रक्षात्मक उपाय” अपनाने की अनुमति देने की बात कही गई है।

यह प्रस्ताव कम से कम छह महीने तक या परिषद के अगले निर्णय तक लागू रह सकता है।

चीन ने जताया विरोध

चीन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि Fu Cong ने कहा कि इस तरह बल प्रयोग की अनुमति देना “अवैध और अंधाधुंध ताकत के इस्तेमाल को वैध ठहराने” जैसा होगा और इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

इस प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी के लिए 15 में से कम से कम 9 देशों का समर्थन और स्थायी सदस्यों (ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका) में से किसी का वीटो नहीं होना जरूरी है।

बहरीन और अरब देशों का समर्थन

बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने ईरान की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर “अवैध और अनुचित नियंत्रण की कोशिश” बताया और कड़ी प्रतिक्रिया की जरूरत बताई।

वहीं League of Arab States ने भी बहरीन के प्रयासों का समर्थन किया है। ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों के साथ बैठक कर इस मार्ग को सुरक्षित बनाने पर चर्चा की है।

वैश्विक बाजार पर असर, तेल कीमतों में उछाल

मौजूदा संकट और स्पष्ट रणनीति की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हमले जारी रखने की बात कही है, लेकिन जलमार्ग को फिर से खोलने की कोई ठोस योजना अभी सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Strait of Hormuz में बाधा बनी रहती है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।