पुतिन की भारत यात्रा पर चीन का सकारात्मक रुख, त्रिपक्षीय सहयोग मजबूत करने की वकालत
चीन ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि चीन-रूस-भारत के बीच मजबूत त्रिपक्षीय संबंध न केवल तीनों देशों के हित में हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण..
बीजिंग। चीन ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि चीन-रूस-भारत के बीच मजबूत त्रिपक्षीय संबंध न केवल तीनों देशों के हित में हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “चीन, रूस और भारत उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। तीनों देशों के बीच sound संबंध न सिर्फ राष्ट्रीय हितों के अनुरूप हैं बल्कि शांति, सुरक्षा और समृद्धि को भी बढ़ावा देते हैं।”
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब बीजिंग मॉस्को का करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता है और पुतिन की भारत यात्रा को चीन ने ध्यान से देखा।
त्रिपक्षीय संबंधों पर चीन का रुख
जब पुतिन के भारत-चीन संबंधों पर दिए बयान पर सवाल पूछा गया तो गुओ ने कहा, “चीन रूस और भारत के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।”
पुतिन ने अपनी भारत यात्रा से पहले दिए इंटरव्यू में कहा था, “भारत और चीन हमारे सबसे करीबी मित्र हैं, हम इन संबंधों को गहराई से महत्व देते हैं।”
भारत-चीन संबंध: सामान्यीकरण की दिशा में
पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद 2020 से संबंध ठप पड़ गए थे, लेकिन पिछले वर्ष से दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे सामान्यीकरण जारी है।
गुओ जियाकुन ने कहा, “चीन भारत के साथ मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर और स्थिर बनाना चाहता है, ताकि दोनों देशों व जनता को लाभ मिले और एशिया तथा विश्व में शांति और समृद्धि में योगदान दिया जा सके।”
चीनी मीडिया ने भी सराहे पुतिन के बयान
चीनी सरकारी मीडिया ने पुतिन के इंटरव्यू के उन हिस्सों को प्रमुखता से दिखाया, जिनमें उन्होंने..
- भारत-चीन को रूस के करीबी मित्र बताया
- अमेरिका के भारत के रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया
ध्यान देने योग्य है कि चीन स्वयं रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों में शीर्ष पर है और अमेरिका की आलोचना को अनदेखा करता रहा है।
भारत-रूस आर्थिक सहयोग को नई गति
पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत के दौरे पर थे। यह 2021 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा थी।
इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर भी सहमति जताई।
यह दौरा तीनों देशों—भारत, चीन और रूस—के बीच बदलते भू-राजनीतिक आयामों को समझने और मजबूत सहयोग की दिशा में अहम माना जा रहा है।
What's Your Reaction?