भारत-पाक युद्ध: घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, पाकिस्तान के चार एयरबेस नेस्तनाबूद
भारत-पाकिस्तान युद्ध की औपचारिक घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान ड्रोनों के और मिसाइलों के जरिये हमले कर रहा है वह किसी युद्ध से कम नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तानी फौज को करारा जबाव दिया जा रहा है..
नयी दिल्ली। भारत-पाकिस्तान युद्ध की औपचारिक घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान ड्रोनों और मिसाइलों के जरिये हमले कर रहा है वह किसी युद्ध से कम नहीं है। भारत की ओर से पाकिस्तानी फौज को करारा जबाव दिया जा रहा है।
भारत की सुरक्षा इतनी चाकचौबंद है कि पाकिस्तान की ओर से की जा रही बम बारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। पाकिस्तानी ऑपरेशन बुनियाल-अर-मरसूस की हवा निकाल दी गयी। भारत ने पाकिस्तान का एयरबेस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। मिसाइल हमले में पाकिस्तान के चार एयरबेस तबाह कर दिये है। इस में चकवाल का मुरीद एयरबेस, शोरकोट का रफीकी एयरबेस, रावलपिडी का नूर खान एयरबेस और पंजाब के रहीमयार एयरबेस नेस्तनाबूद कर दिया गया है। पाकिस्तान की फतेह-1 मिसाइल को इंटरसेप्ट कर हवा में ही बर्बाद कर दिया गया है। सियालकोट में ड्रोन लॉन्चपैड ध्वस्त कर दिया गया है।
इससे पहले बीच जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात कर राजस्थान सहित 26 शहरों पर हमले करने की कोशिश की लेकिन उसकी हर कोशिश विफल कर दी गयी। जम्मू-कश्मीर के सांबा ज़िले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने 8 मई 2025 की रात 11 बजे बड़ी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। बीएसएफ ने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि कुछ संदिग्ध आतंकवादियों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी, जिसे सतर्क सुरक्षाबलों ने समय रहते विफल कर दिया। इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को टाल दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मुठभेड़ में कोई आतंकी घायल हुआ है या नहीं। क्षेत्र की तलाशी के बाद ही पूरी जानकारी मिलेगी। यह घुसपैठ ऐसे समय हुई जब भारत ने पाकिस्तान की ओर से जम्मू, पठानकोट, उधमपुर सहित कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिशें विफल कर दीं।
पाकिस्तान का हमला नाकाम, भारतीय सेना सतर्क
भारत ने गुरुवार रात पाकिस्तान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश को विफल कर दिया। हमले का लक्ष्य जम्मू, पठानकोट, उधमपुर जैसे प्रमुख सैन्य ठिकाने थे। इन हमलों के विफल होने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ गया है।
शुक्रवार को अखनूर, सांबा, बारामुला और कुपवाड़ा जैसे इलाकों में विस्फोटों और सायरनों की आवाजें सुनी गईं। भारतीय सेना ने तत्काल हवाई निगरानी बढ़ा दी और सीमा पर चौकसी को और कड़ा किया।
रक्षा मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि “पाकिस्तान की ओर से आज जो मिसाइल और ड्रोन भेजे गए, उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) के तहत समय रहते निष्फल कर दिया गया।”
पाकिस्तानी ड्रोन फिर इंटरसेप्ट, जम्मू, सांबा और पठानकोट में धमाके और ब्लैकआउट
गुरुवार को ड्रोन हमलों की नाकामी के बाद शुक्रवार को पाकिस्तान ने फिर से जम्मू, सांबा और पठानकोट क्षेत्रों में ड्रोन भेजे, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया।
इन इलाकों में रेड स्ट्रीक्स (लाल रोशनी की लकीरें) देखी गईं और जोरदार धमाके हुए। श्रीनगर में मस्जिदों के लाउडस्पीकर से लोगों से एहतियातन अपने घरों की लाइटें बंद करने की अपील की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का संदेश:
उमर अब्दुल्ला ने ‘X’ पर लिखा, “जम्मू में ब्लैकआउट है, सायरन गूंज रहे हैं।” उन्होंने अपील की कि सभी लोग घरों के अंदर रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित रहें।
रक्षा मंत्रालय ने मीडिया को चेताया: लाइव कवरेज से बचें
पाकिस्तान के ड्रोन हमलों और भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद, रक्षा मंत्रालय ने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है कि वे सैन्य ऑपरेशनों या सुरक्षाबलों की मूवमेंट का लाइव कवरेज या रियल-टाइम रिपोर्टिंग न करें।
मंत्रालय ने कहा कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है और मिशनों में लगे जवानों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मंत्रालय ने 1999 करगिल युद्ध, 2008 मुंबई हमलों और कंधार हाईजैक की घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टिंग से ऑपरेशन बाधित हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि केबिल टेलीविज़न नेटवर्क्स (संशोधन) नियम, 2021 के तहत, केवल अधिकृत अधिकारी ही आतंक रोधी अभियानों के दौरान जानकारी दे सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रतिक्रिया
माना जा रहा है कि पाकिस्तान का यह हमला भारत द्वारा हाल ही में चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" के जवाब में था, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
शुक्रवार को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई, जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव आरके सिंह भी शामिल हुए।
15 मई तक 32 हवाई अड्डे अस्थायी रूप से बंद
इस बीच भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों से देश के 32 हवाई अड्डों को 15 मई तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इन हवाई अड्डों की सूची में अधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू-मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोईस और उत्तरलाई हैं।
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