ईरान में सत्ता परिवर्तन की आशंका: अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद रज़ा पहलवी का बड़ा बयान

निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi ने अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त सैन्य हमलों में खामेनेई के मारे जाने की खबर का स्वागत किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक अब “अपनी आख़िरी साँसें गिन रही है।” पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की भी प्रशंसा की और इस कार्रवाई को साहसिक व निर्णायक

ईरान में सत्ता परिवर्तन की आशंका: अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद रज़ा पहलवी का बड़ा बयान
03-03-2026 - 07:14 AM
03-03-2026 - 07:16 AM

लगभग 37 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की हत्या ने इस संभावना को जन्म दिया है कि देश में लंबे समय से कायम मौलवी-शासित व्यवस्था का अंत हो सकता है।

निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi ने अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त सैन्य हमलों में खामेनेई के मारे जाने की खबर का स्वागत किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक अब “अपनी आख़िरी साँसें गिन रही है।”

पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की भी प्रशंसा की और इस कार्रवाई को साहसिक व निर्णायक बताया। उनके अनुसार, इससे “ईरानियों के लिए अपने देश को फिर से हासिल करने का अब तक का सबसे बड़ा अवसर” पैदा हुआ है।

X पर अपने संदेश में उन्होंने लिखा, “हमारे समय के ज़हाक की मृत्यु हमारे महान राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत है, लेकिन यह अंत नहीं है। सतर्क रहें, तैयार रहें। सड़कों पर बड़े और निर्णायक जनउपस्थिति का समय बहुत नज़दीक आ रहा है।”

इसके साथ ही पहलवी ने ईरान प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट” (IPP) का भी अनावरण किया। यह एक व्यापक, बहु-चरणीय रोडमैप है, जिसे इस्लामिक रिपब्लिक के संभावित पतन के बाद लोकतांत्रिक सत्ता संक्रमण के लिए तैयार किया गया है।

रज़ा पहलवी कौन हैं?

रज़ा पहलवी एक ईरानी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और वे ईरान के अंतिम सम्राट Mohammad Reza Pahlavi के सबसे बड़े पुत्र हैं, जिन्होंने 1979 की क्रांति तक ईरान पर शासन किया था।

1979 में हुए जनांदोलन के बाद मौलवी नेतृत्व सत्ता में आया और इस्लामिक रिपब्लिक की स्थापना हुई। रज़ा पहलवी उस समय 17 वर्ष के थे, जब वे अमेरिका में सैन्य स्कूल जाने के लिए ईरान से निकले। कुछ ही समय बाद, कैंसर से जूझ रहे उनके पिता ने 16 जनवरी 1979 को गद्दी छोड़ दी।

रिपोर्टों के अनुसार, वर्षों के दौरान पहलवी की राजनीतिक सोच अहिंसक विचारधाराओं से प्रभावित रही है, विशेष रूप से Mahatma Gandhi और Martin Luther King Jr. के सिद्धांतों से।

रज़ा पहलवी का पालन-पोषण शाही परिवार में हुआ। उन्होंने भाषाओं, इतिहास, शाही प्रोटोकॉल, खेल और विमानन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने उड़ान प्रशिक्षण शुरू किया और 1977 में देज़फुल एयर बेस पर F-5 फाइटर जेट में अपनी पहली एकल उड़ान भरी, जिससे वे ईरान के सबसे कम उम्र के पायलट बने।

1986 में उन्होंने यास्मीन एतेमाद-अमीनी से विवाह किया, जो जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से कानून स्नातक और बच्चों के अधिकारों पर काम करने वाली वकील हैं। उनकी तीन बेटियाँ हैं।

हालाँकि रज़ा पहलवी की ईरान में कोई आधिकारिक भूमिका नहीं है, लेकिन वे मौजूदा मौलवी-शासित व्यवस्था के विरोध में ईरानियों की एक प्रमुख आवाज़ माने जाते हैं और वर्षों से इस्लामिक रिपब्लिक के सबसे मुखर आलोचकों में शामिल रहे हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।