प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की, शेख मोहम्मद बिन जायद से की बातचीत

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बातचीत की और यूएई पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ने इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त ..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की, शेख मोहम्मद बिन जायद से की बातचीत
03-03-2026 - 07:25 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बातचीत की और यूएई पर हाल ही में हुए हमलों की कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ने इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को “मेरे भाई” बताते हुए कहा कि भारत इन कठिन समय में यूएई के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

प्रधानमंत्री ने लिखा, “यूएई के राष्ट्रपति, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत हुई। यूएई पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और इन हमलों में हुई जानमाल की क्षति पर संवेदना व्यक्त की। इन कठिन समय में भारत, यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई नेतृत्व का आभार भी जताया, जिन्होंने देश में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया है। यूएई में लगभग 35 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं, जो इसे खाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़े प्रवासी भारतीय समुदायों में से एक बनाता है।

उन्होंने कहा कि भारत तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता है और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

क्षेत्रीय तनाव में इज़ाफा

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और इज़रायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि इस सैन्य अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किए गए आठ मिनट के वीडियो संदेश में ट्रंप ने कहा, “हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म कर देंगे। इसे पूरी तरह मिटा दिया जाएगा।”

ट्रंप ने ईरान की सशस्त्र सेनाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे हथियार डाल दें तो उन्हें “पूर्ण प्रतिरक्षा” दी जाएगी, अन्यथा उन्हें “निश्चित मौत” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ईरानी जनता से भी अपील की कि अभियान समाप्त होने के बाद वे “अपनी सरकार को अपने हाथ में लें।”

अमेरिका द्वारा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिए गए इस बड़े सैन्य अभियान से पहले वॉशिंगटन ने कई हफ्तों तक चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए समझौते पर सहमत नहीं होता, तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी US Central Command ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य “ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना है, विशेष रूप से उन ठिकानों को प्राथमिकता देना है जो तात्कालिक खतरा पैदा कर रहे थे।”

वहीं, ईरान का लगातार कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और केवल नागरिक ऊर्जा उद्देश्यों के लिए है।

इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर यह अभियान शुरू किया है, ताकि ईरान के “आतंकी शासन से उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे” को समाप्त किया जा सके।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।