अमेरिका से संतोषजनक विकल्प मिलने पर परमाणु कार्यक्रम छोड़ने को तैयार ईरान: उप विदेश मंत्री रवांची
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच माजिद तख्त-रवांची ने संकेत दिया है कि ईरान कुछ शर्तों के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार हो सकता है..
नयी दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच माजिद तख्त-रवांची ने संकेत दिया है कि ईरान कुछ शर्तों के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार हो सकता है।
ईरान के उप विदेश मंत्री तख्त-रवांची ने कहा कि यदि अमेरिका कोई “संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव” देता है, तो तेहरान अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त करने पर विचार कर सकता है।
उन्होंने Sky News Arabia से बातचीत में कहा, “ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए तैयार है, बशर्ते कि संयुक्त राज्य अमेरिका कोई संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करे।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के बाद तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बाद बढ़ा संघर्ष
ताज़ा लड़ाई उस समय शुरू हुई जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नामक सैन्य अभियान शुरू किया।
रिपोर्टों के अनुसार इस अभियान के दौरान ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि 28 फरवरी को हुए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
यह सैन्य अभियान उस समय शुरू हुआ जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक प्रयास विफल हो गए थे।
हमलों से पहले ही टूट गई थीं वार्ताएँ
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित परमाणु समझौते को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता चल रही थी। इन वार्ताओं में ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
तेहरान का कहना है कि अमेरिका की मंशा को लेकर संदेह होने के बावजूद उसने बातचीत में भाग लेने पर सहमति दी थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार जब हमले शुरू हुए तब बातचीत अभी तय समयसीमा के भीतर ही चल रही थी।
ईरान का दावा है कि सैन्य कार्रवाई उस समय की गई जब कूटनीतिक प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई थी।
भविष्य की वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता
तख्त-रवांची के बयान से संकेत मिलता है कि यदि नया प्रस्ताव ईरान के रणनीतिक और आर्थिक हितों को संतुष्ट करता है, तो तेहरान अब भी अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने पर विचार कर सकता है।
इस शर्त से यह भी स्पष्ट होता है कि ईरान अमेरिका से सुरक्षा गारंटी या अन्य प्रकार की व्यवस्थाओं की अपेक्षा कर सकता है, जिसके बदले वह परमाणु विकास को रोक सकता है।
हालांकि जारी संघर्ष और बातचीत के टूटने के कारण क्षेत्र में परमाणु कूटनीति के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है।
कई देशों ने तनाव कम करने और आगे की सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने तथा दोबारा बातचीत शुरू करने की अपील की है।
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