#बॉयकॉट_Turkey और #बॉयकॉट_Azerbaijan के बीच भारत का इन देशों के साथ व्यापारिक संबंध: एक विश्लेषण
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में तुर्किये और अज़रबैजान के खुलकर खड़े होने के बाद भारत के इन दोनों देशों के साथ राजनयिक संबंधों में खटास आ गई है। इसके विरोध में सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे ट्रेंड्स ज़ोर पकड़ रहे हैं..
नयी दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में तुर्किये और अज़रबैजान के खुलकर खड़े होने के बाद भारत के इन दोनों देशों के साथ राजनयिक संबंधों में खटास आ गई है। इसके विरोध में सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे ट्रेंड्स ज़ोर पकड़ रहे हैं। साथ ही बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों ने तुर्किये और अज़रबैजान की अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं।
भारत-अज़रबैजान व्यापार संबंध
- 2023 में द्विपक्षीय व्यापार: 1.435 अरब अमेरिकी डॉलर
- भारत अज़रबैजान का 7वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है
- भारत अज़रबैजान का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड ऑयल खरीदार है, जो देश के कुल क्रूड निर्यात का 7.6% (मूल्य: $1.227 अरब) है
- भारत का अज़रबैजान से आयात (2023): $1.235 अरब
- भारत का अज़रबैजान को निर्यात (2023): $201 मिलियन
- 2024-25 (अप्रैल-फरवरी):
- निर्यात: $86.07 मिलियन
- आयात: $1.93 मिलियन (2023-24 में केवल $0.74 मिलियन)
भारत-तुर्किये व्यापार संबंध
- 2023-24 में भारत का तुर्किये को निर्यात: $6.65 अरब
- 2024-25 (अप्रैल-फरवरी): $5.2 अरब
- भारत का तुर्किये से आयात (2023-24): $3.78 अरब
- 2024-25 (अप्रैल-फरवरी): $2.84 अरब
- तुर्किये से भारत का कुल आयात: भारत के कुल $720 अरब आयात का 0.5%
पर्यटन: भारत, तुर्किये और अज़रबैजान
- अज़रबैजान में 2023 में भारतीय पर्यटक: 1,15,000 (2022 की तुलना में लगभग दोगुना)
- भारत अज़रबैजान में चौथा सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत देश है
- पड़ोसी देशों को छोड़ दें तो भारत सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत है
- तुर्किये में 2024 में भारतीय पर्यटक: 3,30,000
- 2014 में यह संख्या थी: 1,19,503
- प्रति भारतीय पर्यटक खर्च: $1,200–$1,500
- कुल अनुमानित खर्च (2023): $350–$400 मिलियन (लगभग ₹3,000 करोड़)
- तुर्किये की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान
- GDP का 12%
- कुल रोजगार का 10%
- भारत, तुर्किये के तेजी से बढ़ते पर्यटन स्रोतों में एक है
भारत का संभावित बॉयकॉट कितना प्रभावी?
CAIT (कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) के अनुसार, अगर भारतीय पर्यटक तुर्किये का बहिष्कार करते हैं, तो देश को लगभग $291.6 मिलियन का सीधा नुकसान हो सकता है।
निष्कर्ष:
- राजनयिक और जनभावनाओं की कसौटी पर तुर्किये और अज़रबैजान भारत की जनता के निशाने पर हैं।
- भारत दोनों देशों के लिए व्यापार और पर्यटन में एक अहम साझेदार है, इसलिए भारत के कदमों का सीधा आर्थिक प्रभाव इन देशों पर पड़ सकता है।
- बॉयकॉट कॉल्स केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव का भी संकेत हैं, जिनके परिणाम दोनों देशों को दीर्घकालिक रूप से भुगतने पड़ सकते हैं।
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