'जम्मू-कश्मीर भारत का है': राजनयिक ने बांग्लादेश के कार्यक्रम में 'गलत' भारतीय नक्शे पर आपत्ति जताई

भारत ने बांग्लादेश में एक कार्यक्रम के दौरान अपने नक्शे के गलत चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताई है। ढाका में भारतीय उच्चायोग की एक राजनयिक ने स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग..

'जम्मू-कश्मीर भारत का है': राजनयिक ने बांग्लादेश के कार्यक्रम में 'गलत' भारतीय नक्शे पर आपत्ति जताई
11-07-2026 - 09:18 PM

भारत ने बांग्लादेश में एक कार्यक्रम के दौरान अपने नक्शे के गलत चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताई है। ढाका में भारतीय उच्चायोग की एक राजनयिक ने स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

घटना का विवरण

यह घटना सोमवार को ढाका के 'बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज' (BIISS) में हुई। यहाँ "विश्वास की बहाली, क्षेत्रीय एकीकरण का नवीनीकरण: सार्क को पुनर्जीवित करने के मार्ग" विषय पर एक विदेश नीति सेमिनार आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं।

सेमिनार में भारत में बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त अहमद तारिक करीम एक प्रस्तुति दे रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद भारतीय उच्चायोग की द्वितीय सचिव (सेकंड सेक्रेटरी) पूजा झा ने देखा कि नक्शे में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दिखाया गया है।

भारतीय राजनयिक का कड़ा ऐतराज

नक्शे में इस बड़ी त्रुटि को देखते हुए, पूजा झा ने बीच में ही प्रस्तुति रोक दी और इसे "तथ्यात्मक रूप से गलत" बताया। द्वितीय सचिव ने कहा, "यहाँ दर्शाया गया भारत का नक्शा गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, और मुझे लगता है कि यहाँ प्रस्तुत किया गया नक्शा सही नहीं है।"

आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद, राजदूत करीम ने सफाई देते हुए कहा कि नक्शे का उपयोग "केवल प्रतीकात्मक उद्देश्यों" के लिए किया गया है और यह "वास्तविक सीमाओं को प्रदर्शित नहीं करता है।"

इस पर पूजा झा ने जवाब दिया, "मैं समझती हूँ सर, लेकिन जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, और इसे यहाँ गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसलिए मैं बस इसे इंगित करना चाहती थी।" इसके बाद राजदूत करीम ने पूछा कि क्या राजनयिक भारत से हैं, जिस पर झा ने अपना पूरा परिचय दिया। करीम ने उनकी आपत्ति को स्वीकार करते हुए कहा, "आपकी बात नोट कर ली गई है (पॉइंट नोटेड)," और अपनी प्रस्तुति जारी रखी।

बांग्लादेश की मंत्री ने क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने की वकालत की

इस बीच, सेमिनार को संबोधित करते हुए बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग को और गहरा करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सार्क (SAARC) की क्षमता और उसके वास्तविक प्रदर्शन के बीच की खाई को पाटने का आग्रह किया।

सार्क को पुनर्जीवित करने के लिए सुझाए गए उपाय: ओबैद ने संगठन को फिर से जीवंत करने के लिए कुछ प्रमुख उपायों को सूचीबद्ध किया:

  • मजबूत कार्यान्वयन क्षमता का विकास।
  • अधिक वित्तीय मजबूती।
  • अधिक प्रभावी और विशेष तंत्र।
  • अनुवर्ती कार्रवाई (फॉलो-अप) की व्यावहारिक संस्कृति।

आगामी योजनाएं शमा ओबैद ने इस बात का विशेष उल्लेख किया कि बांग्लादेश सार्क के सदस्य देशों के साथ बातचीत करके साझीदार देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग का समन्वय करने पर विचार कर रहा है।

उन्होंने सेमिनार में कहा, "इसी भावना के साथ हम आने वाले महीनों में सार्क सदस्य देशों के परामर्श से विश्वास-निर्माण पहलों के एक सुनियोजित सेट पर विचार कर रहे हैं। इनमें ढाका में स्थित सार्क देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों के साथ संवाद, तथा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और मंत्रिपरिषद के एक विशेष सत्र की संभावना पर काठमांडू स्थित सार्क सचिवालय के साथ परामर्श शामिल हो सकता है।"

उन्होंने अंत में कहा कि वे उच्चतम स्तर पर व्यापक राजनयिक संपर्क बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।