होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद ट्रम्प ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध
इस सप्ताह की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में, ट्रम्प प्रशासन ने शुक्रवार (10 जुलाई) को ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध ईरान के नेतृत्व से जुड़े व्यक्तियों और वित्तीय नेटवर्क को लक्षित..
इस सप्ताह की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में, ट्रम्प प्रशासन ने शुक्रवार (10 जुलाई) को ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध ईरान के नेतृत्व से जुड़े व्यक्तियों और वित्तीय नेटवर्क को लक्षित करते हैं।
ये नवीनतम उपाय ईरान के खिलाफ वाशिंगटन के अभियान में और वृद्धि को दर्शाते हैं। इससे पहले अमेरिका द्वारा कई जवाबी कदम उठाए जा चुके हैं, जिनमें ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमले और उस प्रतिबंध छूट (sanctions waiver) को वापस लेना शामिल है, जिसके तहत तेहरान को तेल बेचने की अनुमति मिली हुई थी।
प्रतिबंधों का मुख्य लक्ष्य
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) के अनुसार, इन प्रतिबंधों के निशाने पर ईरानी वित्तीय मध्यस्थ अली अंसारी हैं। विभाग ने कहा कि अंसारी "ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई और शासन के अन्य कुलीनों (elites) को लाभ पहुंचाने वाले संपत्तियों के एक विशाल वैश्विक नेटवर्क" की देखरेख करते हैं।
इसके अलावा, इन प्रतिबंधों ने प्रमुख ईरानी मुद्रा विनिमय केंद्रों (exchange houses) पर भी प्रहार किया है, जिन पर प्रतिबंधित ईरानी बैंकों की ओर से सालाना अरबों डॉलर के लेन-देन का आरोप है।
कूटनीति और दबाव की रणनीति
यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाए गए हैं जब तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MoU) "खत्म" हो चुका है। ट्रम्प ने इसके बावजूद कहा कि तेहरान के साथ बातचीत जारी रहेगी। यह इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन ईरानी शासन पर दबाव बनाए रखने के साथ-साथ बातचीत के विकल्प भी खुले रख रहा है।
ये घटनाक्रम शत्रुता की उस लहर के बाद सामने आए हैं, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया था, जिससे दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग मार्गों में से एक बाधित हो गया।
हालांकि गुरुवार को किसी नए अमेरिकी हमले का आदेश नहीं दिया गया था, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन (CNN) को बताया कि वाशिंगटन की सैन्य रणनीति कूटनीति को सफल होने का अवसर देने के लिए रुकने से पहले सीमित हमले करने की रही है।
ईरान की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटता है तो वह आगे के टकराव के लिए तैयार है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि यदि वाशिंगटन उनके समझौते का उल्लंघन करता है तो तेहरान "पूर्ण रक्षा (all-out defense)" के लिए पूरी तरह से तैयार है, हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संघर्ष को समाप्त करना अभी भी एक वैश्विक प्राथमिकता है।
मध्यस्थता और परमाणु चिंताएं
- क्षेत्रीय मध्यस्थता: कतर और पाकिस्तान दोनों महत्वपूर्ण मध्यस्थ भूमिका निभा रहे हैं। चर्चाओं से अवगत एक राजनयिक ने सीएनएन को बताया कि तनाव कम करने के उद्देश्य से कतरी वार्ताकारों ने ईरान की यात्रा की है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के साथ टेलीफोन पर बातचीत की है।
- परमाणु बुनियादी ढांचा: इन कूटनीतिक प्रयासों के बीच, सीएनएन ने बताया कि वेंटोर (Vantor) की सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि ईरान अपने परमाणु बुनियादी ढांचे के कुछ हिस्सों के पुनर्निर्माण का प्रयास कर सकता है। इस बीच, रूस के राज्य परमाणु ऊर्जा निगम, रोसाटॉम (Rosatom) ने अपने कर्मचारियों को ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) में वापस भेजना शुरू कर दिया है।
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