ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला ने भारत के साथ संबंधों की सराहना की: ‘जब पीएम मोदी या पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से बातचीत होती है…’
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत और ब्राज़ील के द्विपक्षीय संबंधों की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों देश “ज़रूरतों और अपेक्षाओं के मामले में काफी समान” हैं और कोई भी देश दूसरे से ऊपर नहीं..
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत और ब्राज़ील के द्विपक्षीय संबंधों की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों देश “ज़रूरतों और अपेक्षाओं के मामले में काफी समान” हैं और कोई भी देश दूसरे से ऊपर नहीं है।
उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि रवैये और ज़रूरतों के स्तर पर ब्राज़ील और भारत में बहुत समानता है। इसलिए जब आप भारत में कारोबारी जगत के साथ एक ही मेज़ पर बैठते हैं, जब आप नरेंद्र मोदी या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत करते हैं, तो हमारी ज़रूरतों में कुछ बहुत ही समान दिखाई देता है।”
राष्ट्रपति लूला ने आगे कहा कि इसी समानता के कारण दोनों देशों के लिए साथ काम करना, साझा कार्ययोजना बनाना, लक्ष्य तय करना और ब्राज़ीलियाई तथा भारतीय उद्यमियों के बीच साझेदारी स्थापित करना कहीं अधिक आसान हो जाता है।
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए आसान हो जाता है कि हम मिलकर एक्शन प्लान बनाएं, लक्ष्य निर्धारित करें और ब्राज़ील व भारत के उद्यमियों के बीच साझेदारी विकसित करें तथा उन्हें ब्राज़ील में निवेश के लिए आमंत्रित करें।”
‘मैं वास्तव में हैरान रह गया…’
रविवार को राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारतीय पक्ष द्वारा तैयार किए गए संगीत कार्यक्रमों ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि शनिवार को मेज़बानों द्वारा किए गए एक विशेष सम्मान ने उन पर और उनके प्रतिनिधिमंडल पर गहरी छाप छोड़ी।
नई दिल्ली में आयोजित भारत-ब्राज़ील आर्थिक मंच में बोलते हुए राष्ट्रपति लूला ने याद किया कि ये भावनात्मक क्षण वैसे ही थे, जैसा सरप्राइज़ उन्होंने पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी की ब्राज़ील यात्रा के दौरान दिया था।
उन्होंने कहा, “कल मैं स्टेट डिनर में और दोपहर के भोजन के दौरान हैरान रह गया। जब प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल ब्राज़ील आए थे, तब हमने यह जानने की कोशिश की थी कि उन्हें कौन-सा गीत सबसे अधिक पसंद है।”
उन्होंने बताया कि इसके लिए ब्राज़ील के साओ पाउलो तक गायक खोजा गया और पलासियो दा अल्वोराडा में प्रधानमंत्री मोदी के लिए विशेष संगीत प्रस्तुति दी गई थी, जिससे वह स्पष्ट रूप से भावुक हो गए थे।
राष्ट्रपति लूला ने यह भी साझा किया कि भारत में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान भारतीय संगीतकारों द्वारा ब्राज़ीलियाई धुनें सुनकर उन्हें विशेष खुशी हुई।
उन्होंने कहा, “कल दोपहर के भोजन के दौरान अचानक एक गीत बजा। मुझे लगा कि उस गीत का हमसे कोई रिश्ता है। फिर ब्राज़ील के अन्य संगीतकारों के गीत भी बजाए गए। उन्होंने ‘आसा ब्रांका’ भी बजाया।”
Asa Branca जैसे प्रतिष्ठित ब्राज़ीलियाई लोकगीत का उल्लेख दोनों देशों के बीच बढ़ती सांस्कृतिक निकटता का प्रतीक माना जा रहा है।
‘पहली बार मुझे इसका महत्व समझ में आया…’
रविवार को ही राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारत की उनकी मौजूदा यात्रा “कई मायनों में बेहद खास” है। उन्होंने याद किया कि 2005 की भारत यात्रा ने ब्राज़ील की आर्थिक नीति की दिशा ही बदल दी थी।
उन्होंने कहा, “2005 में भारत आकर मुझे पहली बार यह समझ में आया कि अंतरराष्ट्रीय हार्ड करेंसी रिज़र्व कितने महत्वपूर्ण होते हैं।”
राष्ट्रपति लूला ने बताया कि उस समय भारत के पास लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था।
उन्होंने कहा, “मैं भारत से लौटकर इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ब्राज़ील को भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मज़बूत करना चाहिए और हमारे पास अतिरिक्त सुरक्षा कवच होना चाहिए।”
उन्होंने आगे बताया कि इसी नीति के चलते ब्राज़ील आईएमएफ का कर्ज़दार देश बनने से निकलकर आईएमएफ का ऋणदाता देश बन गया।
उन्होंने कहा, “हमने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाकर 360 अरब डॉलर तक पहुंचाया। उस समय यह दुनिया का तीसरा या चौथा सबसे बड़ा रिज़र्व था,” उन्होंने कहा।
‘ब्राज़ील की छवि को फिर से स्थापित करना’
अपनी यात्रा को ब्राज़ील की व्यापक विदेश नीति से जोड़ते हुए राष्ट्रपति लूला ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के एक ऐसे दौर को पूरा कर रहे हैं, जो मेरे तीसरे कार्यकाल की रणनीति का हिस्सा था—दुनिया में ब्राज़ील की छवि और उसकी बातचीत की ताकत को फिर से हासिल करना।”
उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि केवल 3 साल 2 महीनों में ब्राज़ील ने अपने उत्पादों के लिए 520 नए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार खोले हैं, जो अपेक्षाओं से कहीं अधिक है।
भारत यात्रा और द्विपक्षीय संबंध
ब्राज़ील के राष्ट्रपति 18 फरवरी को भारत पहुंचे। 19–20 फरवरी के दौरान उन्होंने India AI Impact Summit में भाग लिया।
यह राष्ट्रपति लूला की ब्राज़ील के राष्ट्रपति के रूप में भारत की पांचवीं यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में तेज़ी से बढ़े रिश्तों को और मज़बूत करती है। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की 8 जुलाई 2025 को ब्रासीलिया यात्रा के महज़ सात महीने बाद हो रही है, जो भारत–ब्राज़ील संबंधों में तीव्र कूटनीतिक गतिविधियों को दर्शाती है।
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