जन सुराज का बिहार मॉडल: शराबबंदी हटाकर राजस्व बढ़ाने और वर्ल्ड बैंक से 5-6 लाख करोड़ रुपये लोन जुटाने की योजना
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) ने रविवार को दोहराया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो बिहार से शराबबंदी कानून तुरंत समाप्त कर दिया..
पटना। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) ने रविवार को दोहराया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो बिहार से शराबबंदी कानून तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इस कदम से राज्य को लगभग 28,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा, जिसे आधार बनाकर वर्ल्ड बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसे संस्थानों से 5-6 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज जुटाया जा सकेगा।
राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर कई बार यह कह चुके हैं कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के “एक घंटे के भीतर” शराबबंदी कानून रद्द कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
कुमार सौरव की विशेषज्ञता का इस्तेमाल होगा
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता कुमार सौरव के जन सुराज पार्टी में शामिल होने के मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा, “हम पहले से ही कहते आ रहे हैं कि जन सुराज की सरकार बनते ही बिहार में शराबबंदी खत्म कर दी जाएगी। इससे राज्य को करीब 28,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान रुक जाएगा। इसी राशि के आधार पर हम वर्ल्ड बैंक और IMF से 5 से 6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज उठाने की योजना पर काम करेंगे।”
सिंह ने सौरव की वित्तीय और कानूनी विशेषज्ञता की सराहना करते हुए बताया कि वे पहले एक निजी बैंक में सिक्यूरिटाइजेशन (Securitisation) के देश प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम उनकी विशेषज्ञता का उपयोग बिहार के विकास के लिए 5-6 लाख करोड़ रुपये के ऋण जुटाने में करेंगे, जो शराबबंदी हटाने के बाद मिलने वाले राजस्व पर आधारित होगा।”
सौरव बोले — मतभेद नहीं, मिशन से जुड़ा हूं:
जन सुराज में शामिल होने के बाद कुमार सौरव ने स्पष्ट किया, “मैंने चिराग पासवान से किसी मतभेद के कारण लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) नहीं छोड़ी है। मैं प्रशांत किशोर जी के साथ इसलिए जुड़ा हूं क्योंकि वे लगातार बिहार और यहां के लोगों के हित में काम कर रहे हैं। मैं इस मिशन का हिस्सा बनना चाहता हूं।”
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