हाफिज सईद के प्रत्यर्पण पर बिलावल की टिप्पणी से बौखलाया लश्कर-ए-तैयबा; बेटे तल्हा सईद ने कहा.. "हर पाकिस्तानी का सिर शर्म से झुक गया"
पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो के उस बयान पर कड़ा विरोध जताया है जिसमें उन्होंने हाफिज सईद को भारत को सौंपने (प्रत्यर्पण) की संभावना..
इस्लामाबाद। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो के उस बयान पर कड़ा विरोध जताया है जिसमें उन्होंने हाफिज सईद को भारत को सौंपने (प्रत्यर्पण) की संभावना जताई थी।
हाफिज सईद के बेटे और UAPA के तहत नामित आतंकवादी तल्हा सईद ने बिलावल पर “भारत की भाषा बोलने” का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बयान ने हर पाकिस्तानी का सिर शर्म से झुका दिया है।
बिलावल भुट्टो ने यह बयान कतर सरकार द्वारा वित्तपोषित एक दोहा स्थित अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर भारत बातचीत और द्विपक्षीय मुद्दों में सहयोग दिखाए, तो पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर के प्रत्यर्पण पर विचार कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने हाफिज सईद को आतंकी फंडिंग के आरोप में बिना भारत की मदद के सजा दी है और वह इस समय जेल में बंद हैं।
तल्हा सईद: हाफिज सईद के खिलाफ आरोप झूठे, बिलावल पर देशद्रोह का आरोप
लश्कर-ए-तैयबा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तल्हा सईद के माध्यम से कहा कि उनके पिता के खिलाफ आतंकवाद के सभी आरोप “झूठे और पूर्वनियोजित” हैं। उन्होंने कहा कि बिलावल को पाकिस्तान का पक्ष रखना चाहिए था, लेकिन उन्होंने भारत की सोच को दोहराया। तल्हा ने यह भी दावा किया कि हाफिज सईद ने जो कुछ किया, वह पाकिस्तान के लिए किया।
तल्हा सईद ने बिलावल भुट्टो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की है।
पृष्ठभूमि: दोहरी बातें, असली ताक़त सेना के पास
गौरतलब है कि बिलावल भुट्टो, पाकिस्तान के मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे हैं और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष हैं। उनकी पार्टी इस समय प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की पार्टी (PML-N) के साथ गठबंधन में सत्ता में है।
बिलावल भले ही प्रत्यर्पण के लिए सशर्त रूप से तैयार नजर आ रहे हों, लेकिन सिर्फ डेढ़ महीने पहले (28 मई को) पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री मलिक रशीद ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि
"पाकिस्तान के 24 करोड़ नागरिक हाफिज सईद हैं, और उन्होंने सैफुल्लाह कसूरी और हाफिज सईद को ‘राष्ट्रीय नायक’ बताया था।"
इसके अलावा, पाकिस्तान में असली सत्ता सेना और खुफिया एजेंसियों के हाथ में मानी जाती है। जनरल असीम मुनीर के फील्ड मार्शल बनने के बाद से माना जाता है कि वे देश के हर बड़े फैसले पर प्रभाव रखते हैं।
सेना और आतंकी संगठनों की मिलीभगत को लेकर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर आदिल राजा और कई निर्वासित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।
त्वरित टिप्पणीः बयान वापस लेना तय, प्रत्यर्पण की संभावना नगण्य
इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, यह काफी संभावित है कि बिलावल भुट्टो आने वाले दिनों में अपने बयान से पलट सकते हैं।
हालाँकि उनके पिता देश के राष्ट्रपति हैं लेकिन पाकिस्तान की राजनीतिक वास्तविकता और सत्ता संरचना को देखते हुए यह स्पष्ट है कि हाफिज सईद या मसूद अजहर का भारत को प्रत्यर्पण फिलहाल असंभव है।
बिलावल का बयान राजनीतिक दबाव या अंतरराष्ट्रीय मंच पर छवि सुधारने की कोशिश तो हो सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत में इसका कोई असर पड़ना मुश्किल है।
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