मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: 1 अप्रैल से 19 धार्मिक शहरों में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध

मध्य प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से 19 धार्मिक शहरों और कुछ ग्राम पंचायत क्षेत्रों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की थी, जिसे 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: 1 अप्रैल से 19 धार्मिक शहरों में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध
01-04-2025 - 11:52 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से 19 धार्मिक शहरों और कुछ ग्राम पंचायत क्षेत्रों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की थी, जिसे 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। अब फैसला पहली अप्रैल से लागू हो गया है।

कहां लगेगा शराब पर प्रतिबंध?

इस आदेश के तहत शहरी सीमा के भीतर मौजूद सभी शराब की दुकानें और बार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। शराबबंदी निम्नलिखित धार्मिक शहरों और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में लागू होगी:

शहरों में शराबबंदी:

  1. उज्जैन
  2. ओंकारेश्वर
  3. महेश्वर
  4. मंदलेश्वर
  5. ओरछा
  6. मैहर
  7. चित्रकूट
  8. दतिया
  9. पन्ना
  10. मंडला
  11. मुलताई
  12. मंदसौर
  13. अमरकंटक

ग्राम पंचायत क्षेत्रों में शराबबंदी:

  1. सलकनपुर
  2. कुंडलपुर
  3. बंदकपुर
  4. बर्मनकलां
  5. बर्मनखुर्द
  6. लिंगा

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को "नशामुक्ति की ऐतिहासिक दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम" बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय धार्मिक आस्था और सामाजिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

यह प्रतिबंध एक नगर निगम, छह नगर परिषदों, छह नगर पालिकाओं और छह ग्राम पंचायत क्षेत्रों में लागू होगा।

इन प्रमुख तीर्थ स्थलों पर रहेगा शराबबंदी का असर:

 उज्जैन – बाबा महाकाल मंदिर
 अमरकंटक – नर्मदा नदी का उद्गम स्थल
 महेश्वर – लोकमाता अहिल्याबाई का ऐतिहासिक स्थल
 ओरछा – रामराजा मंदिर क्षेत्र
 मंडला – सतधारा
 मुलताई – ताप्ती नदी का उद्गम क्षेत्र
 दतिया – पीतांबरा देवी पीठ
 चित्रकूट – भगवान राम से जुड़ा पवित्र स्थल
 मैहर – मां शारदा मंदिर
 सांची, मंदलेश्वर, वृंदावन, खजुराहो, नलखेड़ा, मंसौर का पाशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र, बर्मन घाट और पन्ना

सरकार का उद्देश्य और सख्त कार्रवाई के निर्देश

 सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना।
 जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आध्यात्मिक स्थलों को नशामुक्त बनाना।
 राज्य सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शराबबंदी के इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस फैसले का असर

 धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी।
 स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को एक स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण मिलेगा।
 नशामुक्ति अभियान को बल मिलेगा।
 पर्यटन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले को धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी समर्थन मिल रहा है। कल से यानी 1 अप्रैल से यह आदेश लागू हो जाएगा, और प्रशासन इसे सख्ती से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।