दादा साहेब फाल्के सम्मान के बाद अभिनेता मोहनलाल को मिला आर्मी चीफ का प्रशंसा पत्र, सेना और सिनेमा दोनों में योगदान के लिए सम्मानित
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और टेरेटोरियल आर्मी (Territorial Army) में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर सेवारत मोहनलाल को इस सप्ताह भारतीय सेना प्रमुख (Army Chief) द्वारा विशेष प्रशंसा पत्र (Commendation) प्रदान किया..
नयी दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और टेरेटोरियल आर्मी (Territorial Army) में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर सेवारत मोहनलाल को इस सप्ताह भारतीय सेना प्रमुख (Army Chief) द्वारा विशेष प्रशंसा पत्र (Commendation) प्रदान किया गया।
यह सम्मान उन्हें हाल ही में मिले दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के बाद दिया गया, जिसमें उनके सिनेमा और देशसेवा दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित किया गया।
मोहनलाल ने जताई खुशी
बातचीत में मोहनलाल ने कहा, “आर्मी चीफ से प्रशंसा प्राप्त करना बहुत बड़ा सम्मान है। दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भी इसका एक कारण है। हमारी अच्छी मुलाकात हुई और साथ में लंच भी किया। यह सेना की ओर से एक शानदार भावनात्मक पहल है। मैं पिछले 16 सालों से इस फ्रैटरनिटी (परिवार) का हिस्सा हूं। हमने इस दौरान टेरेटोरियल आर्मी की कार्यक्षमता और देश के लिए और क्या किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की।”
सम्मान से बढ़ा सेना और सिनेमा का जुड़ाव
यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि सेना और भारतीय सिनेमा के बीच पारस्परिक सम्मान और सहयोग का प्रतीक थी।
जानकारी के अनुसार, इस बैठक के दौरान मोहनलाल ने चर्चा की कि किस तरह टेरेटोरियल आर्मी अपने सामुदायिक संपर्क और संचालन क्षमता को और सशक्त बना सकती है।
उनका यह दृष्टिकोण उनके उस वास्तविक समर्पण को दर्शाता है, जिसके साथ वे पिछले एक दशक से इस संस्था से जुड़े हुए हैं।
2009 से सेना के साथ जुड़ाव
मोहनलाल का सेना से जुड़ाव वर्ष 2009 में शुरू हुआ था, जब तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी थी।
वे ऐसे पहले भारतीय अभिनेता बने जिन्हें यह सम्मान मिला था।
यह उपाधि उनके फिल्मी किरदारों में दिखाए गए साहस और देशभक्ति के साथ-साथ उनके वास्तविक जीवन में अनुशासन और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को मान्यता देने के रूप में दी गई थी।
सेना से गहरा रिश्ता
मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल वर्षों से सेना के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं।
वे कई अवसरों पर फौजी वर्दी में दिखाई दिए हैं और सैन्य बलों को सम्मानित करने वाले आयोजनों में हिस्सा लेते रहे हैं।
उनका यह निरंतर जुड़ाव और अनुशासन के प्रति सम्मान उन्हें फिल्म जगत और रक्षा क्षेत्र — दोनों में गहरी प्रशंसा दिलाता है।
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