NEET पेपर लीक मामला: लातूर के डॉक्टर को CBI ने हिरासत में लिया, RCC Classes संस्थापक के परिवार की भूमिका की जांच तेज
NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही Central Bureau of Investigation ने बुधवार को महाराष्ट्र के लातूर स्थित बाल रोग विशेषज्ञ Manoj Shirole को हिरासत में ले लिया। एक दिन पहले ही एजेंसी ने उनसे कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे फैलाने में भूमिका को लेकर..
NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही Central Bureau of Investigation ने बुधवार को महाराष्ट्र के लातूर स्थित बाल रोग विशेषज्ञ Manoj Shirole को हिरासत में ले लिया। एक दिन पहले ही एजेंसी ने उनसे कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे फैलाने में भूमिका को लेकर पूछताछ की थी।
सूत्रों के अनुसार, लातूर के ओल्ड औसा रोड इलाके में स्थित उनके घर और क्लिनिक पर मंगलवार को सीबीआई ने छापा मारा था। इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुणे ले जाया गया।
RCC Classes संस्थापक के परिवार की भी जांच
सीबीआई अब लातूर स्थित RCC Classes के संस्थापक Shivraj Motegaonkar के परिवार की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी को पता चला है कि मोटेगांवकर का बेटा भी 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में शामिल हुआ था।
जांचकर्ता डॉक्टर शिरोले के कथित पेपर खरीदने वालों से संबंध, वित्तीय लेनदेन और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ संचार रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या डॉक्टर ने महाराष्ट्र के कोचिंग और एडमिशन नेटवर्क से जुड़े अभ्यर्थियों या बिचौलियों के बीच लीक प्रश्नपत्र फैलाने में कोई भूमिका निभाई थी।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि पूछताछ के नतीजों के आधार पर डॉक्टर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं शिवराज मोटेगांवकर
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही सीबीआई ने कथित पेपर लीक मामले में शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया था।
सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीबीआई ने मोटेगांवकर की पत्नी का बयान भी दर्ज किया। वह RCC से जुड़ी एक कंपनी की निदेशक हैं। इससे पहले मंगलवार को एजेंसी ने दंपति के बेटे से पूछताछ की थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि मोटेगांवकर NEET रसायन विज्ञान प्रश्नपत्र लीक से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।
सीबीआई का आरोप है कि उन्हें परीक्षा से 10 दिन पहले, यानी 23 अप्रैल को ही लीक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिल गए थे। सीबीआई की टीम ने लातूर स्थित RCC Classes परिसर में भी तलाशी ली थी, जहां कथित रूप से लीक प्रश्न मोटेगांवकर के मोबाइल फोन में पाए गए।
रिटायर्ड शिक्षक से करीबी संबंध
जांच एजेंसी के अनुसार मोटेगांवकर, Prahlad Kulkarni के करीबी मित्र थे। कुलकर्णी एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जिनका संबंध National Testing Agency से बताया जा रहा है और उन्हें पिछले सप्ताह पुणे से गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली कोर्ट में CBI की अर्जी
एक सूत्र ने बताया कि सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली की अदालत में एक आवेदन दायर कर पांच आरोपियों के नमूना हस्ताक्षर लेने की अनुमति मांगी। इनमें शिवराज मोटेगांवकर, Mangilal Khatik, Vikas Biwal, Dinesh Biwal और Yash Yadav शामिल हैं।
इनमें से तीन आरोपियों को जयपुर से और यश यादव को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था।
छात्रों से पूछताछ, नांदेड़ में भी छापेमारी
सीबीआई की कई टीमें वर्तमान में उन छात्रों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने NEET परीक्षा दी थी। वहीं एक अन्य टीम महाराष्ट्र के नांदेड़ में तलाशी अभियान चला रही है।
अन्य आरोपियों पर CBI के आरोप
सीबीआई ने दिल्ली की अदालत में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी अपने आरोपों का विवरण पेश किया। इनमें Dhananjay Lokhande, पुणे की ब्यूटीशियन Manisha Waghmare और नासिक में काउंसलिंग व्यवसाय चलाने वाले Shubham Khairnar शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, “लोकहांडे ने सह-आरोपी मनीषा वाघमारे से NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र प्राप्त किया और उसे शुभम खैरनार तक पहुंचाया। 29 अप्रैल को यश यादव को खैरनार से टेलीग्राम के जरिए लीक पेपर की PDF फाइलें मिलीं। कुलकर्णी ने कथित तौर पर वाघमारे के माध्यम से कुछ लोगों को प्रश्न उपलब्ध कराए।”
एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने Manisha Mandhare के साथ मिलकर साजिश रची। मंधारे को इस पूरे मामले का प्रमुख मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने मोटी रकम लेकर चुनिंदा छात्रों को अंतिम प्रश्नपत्र सेट लीक किए।
राजस्थान कनेक्शन भी आया सामने
राजस्थान में सीबीआई ने अदालत को बताया कि मंगीलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र हासिल किया था। यह आश्वासन दिया गया था कि लगभग 150 प्रश्न असली पेपर से मेल खाएंगे।
आरोप है कि मंगीलाल को 29 अप्रैल को टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र मिला और उसने इसकी प्रिंट कॉपी अपने बेटों तथा Satyanarayan नामक शिक्षक सहित अन्य लोगों में बांटी।
सीबीआई के अनुसार, मंगीलाल के बेटे विकास ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से सीकर में NEET कोचिंग के दौरान हुई थी।
एजेंसी का आरोप है कि यश यादव ने पैसे लेकर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की पेशकश की थी और विकास से अधिक उम्मीदवार जोड़ने को कहा था।
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