‘पड़ोसी आतंकवाद का गढ़’: पाकिस्तान और ट्रंप पर संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर का 16 मिनट का भाषण

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (80वीं बैठक) को संबोधित करते हुए सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया और राज्य प्रायोजित उग्रवाद को लेकर वैश्विक जवाबदेही की मांग की। उन्होंने अपने भाषण में अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे..

‘पड़ोसी आतंकवाद का गढ़’: पाकिस्तान और ट्रंप पर संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर का 16 मिनट का भाषण
28-09-2025 - 10:08 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (80वीं बैठक) को संबोधित करते हुए सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया और राज्य प्रायोजित उग्रवाद को लेकर वैश्विक जवाबदेही की मांग की। उन्होंने अपने भाषण में अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

जयशंकर ने इस हमले को “सीमा पार की बर्बरता” करार दिया और कहा कि भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए इसके आयोजकों और हमलावरों को “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत न्याय के कटघरे में खड़ा किया।

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा—भारत आज़ादी के बाद से इस चुनौती का सामना कर रहा है, क्योंकि उसका पड़ोसी वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में उसके नागरिकों की भरमार है।”

विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि जो देश खुलेआम आतंकवाद को राज्य की नीति के रूप में अपनाते हैं, उन्हें वैश्विक जवाबदेही का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा, जब आतंक के अड्डे औद्योगिक स्तर पर संचालित हों, जब आतंकियों को सार्वजनिक रूप से महिमामंडित किया जाए, तो ऐसे कृत्यों की बिना किसी शर्त निंदा होनी चाहिए।”

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर आतंकवाद से लड़ने, उसकी फंडिंग रोकने और पूरे “आतंकी तंत्र” पर दबाव बढ़ाने की अपील की। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आतंकवाद की परिभाषा और उससे निपटने के तरीकों पर वैश्विक स्तर पर अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ युद्ध तेज हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिका ने भारत समेत कई ब्रिक्स देशों के निर्यात पर भारी शुल्क लगा दिया है।

जयशंकर ने वैश्विक व्यापार ढांचे पर प्रहार करते हुए कहा—ग़ैर-बाज़ार प्रथाओं ने नियमों और व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से मोड़ा है। टैरिफ़ की अस्थिरता और अनिश्चित बाज़ार पहुँच ने भारत जैसे देशों को मज़बूरी में प्रमुख सप्लाई चेन से ‘डी-रिस्क’ करने पर मजबूर किया है।”

ट्रंप पहले ही दक्षिण अफ्रीका से आयातित अधिकांश वस्तुओं पर 30% शुल्क और भारत व ब्राज़ील से आने वाले सामान पर 50% शुल्क लगा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ब्रिक्स देशों के खिलाफ और भी कड़े टैरिफ लगाए जा सकते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक ये “अमेरिका विरोधी व्यापार ब्लॉक” हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।